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इंदौर

1 लाख पंजीयन के जश्न के बीच ‘छात्रों की गूंज’ पर अनुमति का पेंच  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
1 लाख पंजीयन के जश्न के बीच ‘छात्रों की गूंज’ पर अनुमति का पेंच

 

राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में कार्यक्रम प्रस्तावित; कांग्रेस बोली- आईडीए ग्राउंड पर ही होगा आयोजन, प्रशासन का जवाब- अभी आवेदन ही नहीं मिला

   इंदौर। राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सियासत गरमा गई है। 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम के लिए मंगलवार तक एक लाख से ज्यादा छात्रों के पंजीयन का कांग्रेस ने दावा किया। आंकड़ा एक लाख पार होने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत पार्टी नेताओं ने जश्न मनाया। आतिशबाजी की गई और मिठाई बांटकर कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कांग्रेस अब कार्यक्रम को बड़े स्तर पर सफल बनाने की तैयारियों में जुटी है।

   लेकिन जश्न के बीच कार्यक्रम की अनुमति सबसे बड़ा पेंच बन गई है। कांग्रेस इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के मैदान में कार्यक्रम कराने की तैयारी कर रही है, जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि आयोजन को लेकर अब तक आवेदन ही प्राप्त नहीं हुआ है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक प्रशासन के पास कार्यक्रम की अनुमति के लिए अभी आवेदन नहीं आया है।

   इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं का दावा है कि 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ का आयोजन तय है और इसे आईडीए ग्राउंड पर ही कराया जाएगा। अनुमति और आयोजन स्थल को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के दावों के बीच अब सियासी टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

   भाजपा ने कॉलेजों में कार्यक्रम के विकल्प पर घेरा

कार्यक्रम के लिए कांग्रेस की ओर से नेहरू स्टेडियम, आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के पीछे का मैदान और विश्वविद्यालय परिसर के मैदान जैसे विकल्पों पर भी चर्चा सामने आई है। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश सिंह ने कहा कि यूजीसी के नियमों के तहत शैक्षणिक परिसरों में राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर नियम स्पष्ट हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बायपास या सुपर कॉरिडोर पर कार्यक्रम करना चाहिए।

     विश्वविद्यालय से छुट्टी की मांग

इधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें 19 सितंबर को विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। कांग्रेस का तर्क है कि छुट्टी होने से बड़ी संख्या में छात्र राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

   अब नजर इस बात पर है कि एक लाख से ज्यादा पंजीयन के दावे के बीच कार्यक्रम को प्रशासन से अनुमति कब मिलती है और आयोजन के लिए अंतिम मैदान कौन सा तय होता है।

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