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धार

18 साल 7 महीने का इंतजार खत्म, टांडा रोड से दौड़ी पहली मेमू  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
18 साल 7 महीने का इंतजार खत्म, टांडा रोड से दौड़ी पहली मेमू

 

आजादी के बाद पहली बार आदिवासी अंचल को रेल की सौगात; वडोदरा तक शुरू हुई यात्री सेवा, हजारों ग्रामीण बने ऐतिहासिक पल के गवाह

धार। जिस रेल की सीटी सुनने का इंतजार आदिवासी अंचल की पीढ़ियां करती रहीं, आखिरकार वह सपना 8 सितंबर को हकीकत में बदल गया। गंधवानी क्षेत्र के टांडा रोड रेलवे स्टेशन से पहली मेमू ट्रेन वडोदरा के प्रतापनगर के लिए रवाना हुई। ट्रेन के स्टेशन से निकलते ही हजारों ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। ढोल-ढमाकों, जयघोष और उत्साह के बीच लोगों ने इस ऐतिहासिक पल को मोबाइल कैमरों में कैद किया।

टांडा रोड तक रेल पहुंचना केवल एक ट्रेन के संचालन की शुरुआत नहीं, बल्कि धार लोकसभा क्षेत्र के आदिवासी अंचल के लिए विकास की नई पटरी मानी जा रही है। इससे मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों की गुजरात से सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, युवाओं को रोजगार, किसानों को बाजार और व्यापारियों को नए कारोबारी क्षेत्र तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    18 साल 7 महीने बाद सपना हुआ साकार

छोटा उदयपुर-धार नई रेल लाइन परियोजना की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में रखी थी। इसके करीब 18 साल 7 महीने बाद परियोजना के जोबट-टांडा रोड हिस्से पर यात्री रेल सेवा शुरू होना लंबे इंतजार के बाद पहला बड़ा पड़ाव है। करीब 157 किमी लंबी परियोजना का उद्देश्य मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी व दूरदराज के इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ना है।

    रेल के साथ विकास को भी मिलेगी रफ्तार

नई सेवा से टांडा रोड, जोबट, कुक्षी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गुजरात की ओर आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने, कृषि कारोबार बढ़ाने और युवाओं की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिल सकता है।

      इसी दौरान जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन के साथ वडोदरा-रतलाम तीसरी-चौथी रेल लाइन, मियागाम-करजन-चोरंदा-मालसर गेज परिवर्तन और विश्वामित्री-डभोई दोहरीकरण जैसी परियोजनाओं को भी गति दी गई। करीब 30,700 करोड़ रुपए के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया।

    धार-पीथमपुर रेल का इंतजार अभी बाकी

धार शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार-पीथमपुर कनेक्टिविटी पर भी काम जारी है। इस मार्ग पर ट्रायल हो चुका है, लेकिन नियमित यात्री सेवा शुरू होने के लिए अभी आगे की प्रक्रिया और निर्माण कार्य बाकी हैं। ऐसे में टांडा रोड से शुरू हुई यात्री सेवा ने धार लोकसभा क्षेत्र में रेल विस्तार की उम्मीदों को जरूर नई गति दे दी है।

     सावित्री ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार सांसद ने कहा कि रेल केवल पटरी और ट्रेन नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, व्यापार, पर्यटन और समृद्धि के नए रास्ते खोलती है। टांडा रोड से शुरू हुई यह सेवा आदिवासी अंचल के विकास की नई यात्रा का शुभारंभ है। क्षेत्रवासियों को लंबे इंतजार के बाद मिली यह सुविधा आने वाले समय में विकास की नई संभावनाएं पैदा करेगी।

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