लहार। सिंध नदी में रोक के बावजूद कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद लहार में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। एनजीटी के आदेश पर केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की संयुक्त जांच टीम लहार पहुंची और नदी किनारे अवैध खनन की पड़ताल शुरू की। टीम ने मटियावली गांव में डंप कर रखी गई भारी मात्रा में रेत को मौके पर ही नष्ट कराया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की याचिका पर एनजीटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त कमेटी गठित की है। पीठ ने छह सप्ताह में विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। मामला केवल अवैध खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि भिंड-दतिया सीमा से लगे 24 गांवों में खनन और स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी है।

संयुक्त जांच दल में एप्को भोपाल के सुब्रतो पानी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के संजय कुमार मुक्ति, ग्वालियर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीवीएस जाटव और सहायक यंत्री भूपेंद्र सिंह नरवरिया शामिल रहे। जांच के दौरान खनिज विभाग के अधिकारी और लहार थाना प्रभारी शिवसिंह यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
अब टीम सीमावर्ती गांवों में खनन गतिविधियों, नदी क्षेत्र और डंप रेत की स्थिति की विस्तृत पड़ताल करेगी। तैयार रिपोर्ट सीधे एनजीटी को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के बाद अवैध रेत खनन से जुड़े मामलों में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।