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मध्यप्रदेश

22 मौतों के बाद जागा आबकारी अमला, प्रदेशभर में अवैध शराब पर विशेष अभियान  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
22 मौतों के बाद जागा आबकारी अमला, प्रदेशभर में अवैध शराब पर विशेष अभियान

 

सागर गोल्ड पर प्रतिबंध का आदेश चंद घंटों में वापस; बंडा के एसडीएम-एसडीओपी हटे, अब लापरवाही पर अफसरों की जवाबदेही

भोपाल/सागर। सागर के बंडा में जहरीली शराब से 22 लोगों की मौत के बाद प्रदेश में शराब कारोबार और आबकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद सरकार ने कार्रवाई तेज करते हुए बंडा के एसडीएम और एसडीओपी को हटा दिया है। वहीं अब आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

   इस बीच जबलपुर में ‘सागर गोल्ड’ शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश कुछ ही घंटों में वापस लिए जाने का मामला भी चर्चा में आ गया। सहायक आबकारी आयुक्त ने प्रतिबंध का आदेश जारी किया था, लेकिन बाद में जबलपुर जिले में इस ब्रांड की बिक्री नगण्य होने का हवाला देते हुए आदेश निरस्त कर दिया गया।

      अवैध शराब की पूरी कड़ी पर नजर

 आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सभी सहायक आबकारी आयुक्तों और जिला आबकारी अधिकारियों को अभियान गंभीरता से चलाने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, मुखबिर तंत्र सक्रिय करने, अवैध शराब निर्माण स्थलों पर दबिश, संदिग्ध वाहनों की जांच और अवैध परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लाइसेंसी दुकानों और परिसरों में गंभीर अनियमितता मिलने पर भी कार्रवाई होगी।

  विभाग ने साफ किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि निर्माण से लेकर बिक्री और परिवहन तक अवैध शराब की पूरी श्रृंखला पर प्रहार करना है।

      बंडा में प्रशासनिक फेरबदल

शराब कांड के बाद बंडा के एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है। उनकी जगह रोहित लखारे को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं एसडीएम आरती यादव को हटाकर संजय कुमार को पदस्थ किया गया है।

   मामले में आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया। सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है। गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है। मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

      विपक्ष ने मांगा जवाब

सागर कांड को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रदेश में बार-बार जहरीली शराब, दवा और पानी से जुड़े हादसे सामने आ रहे हैं, लेकिन स्थायी जवाबदेही तय नहीं होती।

   अब सबसे बड़ा सवाल यही है—22 मौतों के बाद शुरू हुआ यह अभियान अवैध शराब के नेटवर्क तक पहुंचेगा या कुछ दिनों बाद फिर ठंडा पड़ जाएगा?

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