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धार

2041 के मास्टर प्लान पर अंतिम मंथन: 15 दिन में शासन को जाएगा प्रस्ताव, 14 गांवों को मिलेगा नियोजित विकास का लाभ  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
2041 के मास्टर प्लान पर अंतिम मंथन: 15 दिन में शासन को जाएगा प्रस्ताव, 14 गांवों को मिलेगा नियोजित विकास का लाभ

 

धार। शहर के वर्ष 2041 तक के सुनियोजित विकास का रोडमैप तैयार करने वाला मास्टर प्लान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (टीएनसीपी) फिलहाल लैंड यूटिलिटी रेशियो (एलयूआर) को तकनीकी मानकों के अनुरूप संतुलित करने में जुटा है। अधिकारियों के अनुसार अगले 15 दिनों में आवश्यक संशोधन पूरे कर प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य शासन को भेज दिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, मास्टर प्लान के प्रारंभिक मसौदे में प्रति हेक्टेयर आबादी का घनत्व करीब 17 हजार दर्शाया गया था, जबकि नियोजन मानकों के अनुसार इसे लगभग 11 हजार प्रति हेक्टेयर के आसपास रखना आवश्यक है। इसी कारण आबादी, भूमि उपयोग और शहर के प्रस्तावित विस्तार का नए सिरे से तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।

धार का पूर्व मास्टर प्लान वर्ष 2021 में समाप्त हो चुका है। नया प्लान लागू होने तक निर्माण अनुमति और भूमि उपयोग संबंधी निर्णय पुराने प्रावधानों के आधार पर किए जा रहे हैं। हालांकि नियमित प्रशासनिक कार्य जारी हैं, लेकिन शहर के दीर्घकालीन और व्यवस्थित विकास के लिए नए मास्टर प्लान की मंजूरी अहम मानी जा रही है।

मास्टर प्लान-2041 में शहर से लगे 14 गांव—तिरला, ज्ञानपुरा, चिकल्या, माफीपुरा, मुसापुरा, धरावरा, बागड़िया, बागड़ियातुर्क, उटावद, उतरसी, नियामतखेड़ी, हिम्मतगढ़, सीतापाट और पाड़ल्या को विकास योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि आरक्षित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने जल स्रोतों और तालाबों के कैचमेंट क्षेत्र के संरक्षण, सिटी फॉरेस्ट, रिंग रोड, औद्योगिक क्षेत्रों के सुव्यवस्थित विस्तार, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास तथा रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अनियोजित निर्माण रोकने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद नई कॉलोनियों, सड़क नेटवर्क, औद्योगिक निवेश और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे धार के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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