संभागायुक्त भास्कर लक्षकार बोले- दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय मानवता के लिए प्रेरणादायी
इंदौर। 25 वर्षीय स्व.गौरव दवे के अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिलने के बाद संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने उनके परिवार से मुलाकात कर इस मानवीय निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के असहनीय दुख के बीच दूसरों का जीवन बचाने का संकल्प लेना समाज के लिए प्रेरणा है।
संभागायुक्त लक्षकार ने दवे परिवार से भेंट कर कहा कि संकट की सबसे कठिन घड़ी में भी परिवार ने धैर्य, संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से परिवार को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
गौरव दवे के असामयिक निधन के बाद उनके परिजनों ने उनका हृदय,लीवर,दोनों किडनी और नेत्र दान करने का निर्णय लिया। इस प्रेरणादायी पहल से चार गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की राह मिली,वहीं नेत्रदान से भी जरूरतमंदों को रोशनी मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

संभागायुक्त ने कहा कि अंगदान महादान है और ऐसे निर्णय समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ अनेक लोगों को जीवनदान देने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शॉजी जोसेफ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी,सिविल सर्जन डॉ.भूपेंद्र सिंह शेखावत तथा मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य और जीतू बगानी भी उपस्थित रहे।