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मध्यप्रदेश

28 करोड़ के सरकारी बकायेदार को शराब ठेका!  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
28 करोड़ के सरकारी बकायेदार को शराब ठेका!

 

चचाई कंपोजिट दुकान के आवंटन पर शिकायत से उठे सवाल; शिकायतकर्ता बोला- नियमों के बावजूद डिफॉल्टर को कैसे मिला लाइसेंस

     अनूपपुर। जिले में चचाई स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान के वर्ष 2026-27 के आवंटन को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ग्राम केल्हाउरी निवासी संतोष कुमार पानसरे ने जिला आबकारी अधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि करीब 28.31 करोड़ रुपए के शासकीय राजस्व बकाया वाले ठेकेदार कमलेश सिंह चंदेल को शराब दुकान का ठेका आवंटित किया गया। शिकायत की प्रतियां आबकारी आयुक्त ग्वालियर और कलेक्टर अनूपपुर को भी भेजी गई हैं।

रेत खदान में अवैध उत्खनन का मामला, 28.31 करोड़ का जुर्माना

शिकायत के मुताबिक कमलेश सिंह चंदेल ने पूर्व में सोन नदी चचाई आबाद क्षेत्र में रेत खदान का ठेका लिया था। खदान संचालन के दौरान निर्धारित सीमा से बाहर जाकर मशीनों से अवैध उत्खनन किए जाने का आरोप लगा था। मामले की जांच के बाद प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में पहुंचा। शिकायतकर्ता के अनुसार कलेक्टर अनूपपुर ने 4 अक्टूबर 2019 को आदेश जारी कर 28,31,70,000 रुपए का अर्थदंड लगाया था। साथ ही अवैध उत्खनन में प्रयुक्त एक्सकेवेटर को राजसात करने के निर्देश भी दिए गए थे।

   शिकायत में दावा किया गया है कि वर्षों बाद भी उक्त राशि का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि इतनी बड़ी शासकीय देनदारी के बावजूद संबंधित व्यक्ति को नया शराब ठेका कैसे मिल गया?

राजपत्र के नियम का हवाला, विभाग पर उठाए सवाल

शिकायतकर्ता ने आबकारी विभाग द्वारा 20 फरवरी 2026 को जारी राजपत्र क्रमांक 45 के बिंदु क्रमांक 15 का हवाला देते हुए कहा है कि शासकीय राजस्व बकाया होने की स्थिति में व्यक्ति शराब विक्रय ठेके के लिए अयोग्य माना जाता है। आरोप है कि चचाई दुकान के आवंटन में इस प्रावधान की अनदेखी हुई।

ठेका निरस्त करने और बकाया वसूलने की मांग

संतोष पानसरे ने 24 जुलाई 2026 को शिकायत देकर चचाई कंपोजिट शराब ठेका निरस्त करने, 28.31 करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूलने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की जांच तथा कार्रवाई पर नजर है।

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