सीजेपी के आंदोलन पर बोले- विरोध लोकतंत्र का अधिकार, लेकिन मर्यादा जरूरी; युवाओं से कृषि अनुसंधान और जैविक खेती अपनाने की अपील
इंदौर। शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत रविवार को कृषि महाविद्यालय परिसर में 15 हजार पौधों के रोपण का शुभारंभ नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। अभियान के तहत करीब 2 हजार फलदार पौधों के साथ मालवा की जलवायु के अनुकूल हजारों छायादार और उपयोगी पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों, भाजपा पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर पौधारोपण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है। रासायनिक खेती से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जबकि जैविक खेती अपनाने से बीमारियां कम होंगी और मेडिकल पर होने वाला खर्च भी घटेगा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उसने रासायनिक खेती छोड़कर बड़े स्तर पर ऑर्गेनिक खेती शुरू की और बेहतर परिणाम हासिल किए।
उन्होंने युवाओं से कृषि अनुसंधान और आधुनिक प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि देश को डॉक्टर और इंजीनियरों के साथ-साथ कुशल कृषि वैज्ञानिकों की भी उतनी ही आवश्यकता है।

सीजेपी के आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन उसका स्वरूप मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं जीवन में कई आंदोलन किए हैं और पुलिस की लाठियां भी खाई हैं, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादा का हमेशा सम्मान किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है।

कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़, कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. भारत सिंह, पार्षद लक्ष्मी अनिल गौहर, राजीव जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में भी बड़े आकार के जलवायु अनुकूल पौधों का रोपण किया जाएगा।