बीकॉम पास युवक के साथ मिलकर देशभर में ठगी का नेटवर्क
इंदौर। देश के कई राज्यों में साइबर ठगी की रकम खपाने के लिए बैंक खातों और सिम का इस्तेमाल कराने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। पुलिस ने महू के यूको बैंक खाते से जुड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि संबंधित खाते में 5 करोड़ रुपए से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इस खाते से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज दर्जनों साइबर अपराध की शिकायतों का कनेक्शन सामने आया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक राव निवासी महू और गौरव राठौर निवासी लसूड़िया क्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दीपक 12वीं तक पढ़ा है और अंडे का ठेला लगाता है, जबकि गौरव बीकॉम स्नातक है और निजी नौकरी करता है।
खाते में आते थे ठगी के रुपए
जांच में पुलिस को पता चला कि दीपक ने अपना बैंक खाता म्यूल खाते के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही उसके नाम की सिम भी गौरव को दी गई थी, जिस पर बैंक से संबंधित ओटीपी आते थे। पुलिस को आशंका है कि इसी व्यवस्था के जरिए साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 8 सक्रिय सिम कार्ड, 10 बैंक पासबुक और 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
13 राज्यों की शिकायतों से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस के मुताबिक खाते की जांच में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड,गोवा, ओडिशा,उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें सामने आई हैं।
यह कार्रवाई आई4सी,गृह मंत्रालय,राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर अपराध पोर्टल से मिले संदिग्ध म्यूल खातों के आंकड़ों के आधार पर चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत की गई। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।