धार। धामनोद के मिठास कॉलोनी क्षेत्र से नाबालिग के साथ गंभीर अपराध का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, एक मां ने कथित तौर पर अपनी नाबालिग बेटी को 50 हजार रुपए के बदले एक व्यक्ति के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद आरोपी ने किशोरी को करीब दो महीने तक अपने घर में रोककर उसका यौन शोषण किया। मौका मिलने पर पीड़िता वहां से निकलकर गुजरात पहुंची, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया।
पुलिस के अनुसार घटना 26 अप्रैल 2026 की दोपहर की बताई गई है। खरगोन जिले के करोंदिया बुजुर्ग निवासी महिला सुनिताबाई पति दयाराम शिंदे अपनी नाबालिग बेटी को लेकर धामनोद की मिठास कॉलोनी स्थित पुरुषोत्तम पाटीदार के घर पहुंची थी। आरोप है कि यहां 50 हजार रुपए लेकर उसने बेटी को पुरुषोत्तम के सुपुर्द कर दिया और वहां से चली गई।
दो महीने तक घर में रोकने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उसे आरोपी के घर पर जबरन रोककर रखा गया। इस दौरान पुरुषोत्तम ने उसके साथ लगातार यौन शोषण किया। करीब दो महीने बाद 26 जून की सुबह पीड़िता मौका पाकर घर से निकल गई और बस स्टैंड पहुंची।
वहां उसकी मुलाकात संदीप नामक व्यक्ति से हुई। पीड़िता उसके साथ बस से गुजरात के चोटिला पहुंच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां से उसकी दस्तयाबी की और धामनोद लाकर बयान दर्ज किए।
दोनों आरोपी फरार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नाबालिग की मां सुनिताबाई और पुरुषोत्तम पाटीदार के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश के साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।