हिंगोनिया की ऑस्कर पैलेस कॉलोनी पर कार्रवाई; जमीन को लेकर पहले से चल रहा था न्यायालयीन विवाद,प्रशासन ने विकास अनुमति रद्द की
इंदौर। हिंगोनिया स्थित ऑस्कर पैलेस कॉलोनी की करीब 26.023 हेक्टेयर यानी 64.3 एकड़ जमीन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर कार्यालय की कॉलोनी शाखा ने आवासीय भूखंड विकास के लिए जारी विकास अनुमति क्रमांक 964/2024 को निरस्त कर दिया है। यह अनुमति 21 फरवरी 2024 को जारी की गई थी।

प्रशासन के आदेश के मुताबिक, संबंधित जमीन को लेकर पहले से न्यायालय में वाद चल रहा था। शिकायतकर्ता की ओर से बताया गया कि भूमि के संबंध में स्थायी निषेधाज्ञा और कब्जे को लेकर मामला 16 जनवरी 2024 से न्यायालय में विचाराधीन था। इसके बावजूद 21 फरवरी 2024 को कॉलोनी की विकास अनुमति जारी की गई।
मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 1 अगस्त 2025 को पारित आदेश में अगली सुनवाई तक विवादित संपत्ति के संबंध में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे। साथ ही तब तक संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।

तथ्य छिपाकर अनुमति लेने का आरोप
कलेक्टर कार्यालय के आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि विकास अनुमति लेते समय संबंधित न्यायालय में चल रहे वाद के तथ्यों को छिपाया गया। इसी आधार पर और हाईकोर्ट के आदेश के अनुक्रम में पूर्व में जारी विकास अनुमति को निरस्त किया गया है।
खरीदारों के लिए भी अहम सूचना
प्रशासन के इस फैसले के बाद संबंधित भूमि पर प्रस्तावित आवासीय भूखंडों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी सावधानी जरूरी हो गई है। जमीन से जुड़े किसी भी लेन-देन से पहले खरीदारों को वर्तमान न्यायालयीन स्थिति, स्वामित्व और संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करनी होगी।
खरीदारों की चिंता बढ़ी,अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर
सूत्रों के अनुसार कॉलोनी का विकास काफी हद तक पूरा हो चुका है और इसमें कई निवेशकों का पैसा लगा है। बताया जा रहा है कि कुछ परिवारों ने यहां भूखंड भी खरीदे हैं। ऐसे में विकास अनुमति निरस्त होने के बाद इन खरीदारों और निवेशकों की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाएगा या आगे कोई अन्य कार्रवाई की जाएगी।