इंदौर। इंदौर जोन (ग्रामीण) के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग ने संभाग स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था मजबूत करने, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और गंभीर अपराधों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिला अपराध,संपत्ति संबंधी अपराध, साइबर फ्रॉड, एससी-एसटी एक्ट, स्थायी वारंट और लंबित शिकायतों की जिलेवार समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि अपराध नियंत्रण और दोषसिद्धि बढ़ाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। बैठक में डीआईजी इंदौर (ग्रामीण) रेंज मनोज कुमार सिंह, डीआईजी निमाड़ रेंज सिमाला प्रसाद सहित इंदौर (ग्रामीण)धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खंडवा,खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। आईजी ने महिला अपराधों में समय-सीमा के भीतर चालान पेश करने, न्यायालय में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने तथा गंभीर अपराधों की विवेचना पर स्वयं पुलिस अधीक्षकों को नजर रखने के निर्देश दिए। चोरी, वाहन चोरी और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अपराधियों की धरपकड़ तेज करने, अधिक से अधिक माल बरामद करने और बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों व संवेदनशील स्थानों पर जनसहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया। बैठक में साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए आईजी ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल कार्रवाई कर पीड़ितों की राशि वापस दिलाने के प्रयास किए जाएं। थाना स्तर पर तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर एनसीआरपी पोर्टल का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की सफलता पर सभी जिलों की पुलिस को बधाई देते हुए 15 जुलाई से शुरू होने वाले 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। आईजी अनुराग ने अवैध गौवंश परिवहन, संगठित अपराध, लंबित वारंट, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों, एससी-एसटी एक्ट प्रकरणों और ई-विवेचना प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु के मामलों में जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए तथा आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आईजी की अपराध समीक्षा बैठक: चोरी, साइबर फ्रॉड और महिला अपराधों पर सख्ती, हर जिले को दिए सख्त निर्देश
राजवाड़ा दर्पण ब्यूरो