दमोह। नागपंचमी के अवसर पर सांपों को पकड़कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन कराने वालों के खिलाफ पशु प्रेमी एवं वन्यजीव कार्यकर्ता प्रांशुल पारोचे ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को मनोरंजन या आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक और पीपुल फॉर एनिमल्स से जुड़े एक्टिव मेंबर पारोचे लंबे समय से पशु कल्याण एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके और साथी कार्यकर्ताओं के प्रयासों से अब तक 350 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा चुका है।
नागपंचमी पर चलेगा विशेष रेस्क्यू अभियान
हर वर्ष नागपंचमी के दौरान वन विभाग के समन्वय से विशेष सर्प रेस्क्यू अभियान चलाया जाता है। पारोचे ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अभियान के लिए पर्याप्त स्टाफ, वाहन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने रेस्क्यू किए गए सांपों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
प्रदर्शन से सांपों की जान को खतरा
पारोचे ने कहा कि सांपों को पकड़कर भीड़ के बीच प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करने से उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नागपंचमी के दौरान कहीं भी सांपों का अवैध प्रदर्शन दिखाई दे तो स्वयं भीड़ न लगाएं और तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय पशु कल्याण संस्था को सूचना दें।
उन्होंने कहा कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका संरक्षण केवल वन्यजीव प्रेमियों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नागपंचमी पर आस्था के साथ प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी संदेश दिया जाना चाहिए।