सावन सोमवार और नागपंचमी का संयोग; 24 घंटे होंगे दर्शन, 7-8 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, भीड़ नियंत्रण से मेडिकल इंतजाम तक पूरा प्रशासन मुस्तैद
उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में सावन सोमवार और नागपंचमी के एक साथ आने से आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए पहुंची। महाकाल मंदिर के द्वितीय तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट साल में केवल एक बार नागपंचमी पर खुलते हैं और इस बार श्रद्धालुओं को लगातार 24 घंटे दर्शन का अवसर मिल रहा है।

नागपंचमी पर्व पर रात ठीक 12 बजे उज्जैन कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह,एसपी प्रदीप शर्मा, महाकाल मंदिर समिति प्रशासक प्रथम कौशिक और संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू कर दिए गए।
24 घंटे खुले रहेंगे पट
नागचंद्रेश्वर भगवान के पट आज 16 अगस्त की रात 12 बजे खुले और 17 अगस्त की रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। प्रशासन ने इस दौरान करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान लगाया है। भारी भीड़ को देखते हुए महाकाल क्षेत्र में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
अलग रूट, बैरिकेडिंग और निगरानी
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और निर्धारित मार्ग से श्रद्धालुओं की आवाजाही कराई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार व्यवस्थाओं पर नजर रख रही हैं।
मेडिकल कैंप से पेयजल तक इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैनात की गई हैं। पेयजल, अस्थायी जूता स्टैंड और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है।
साल में सिर्फ एक बार खुलता है मंदिर
नागचंद्रेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व विशेष है। यहां भगवान शिव और माता पार्वती की नागफण पर विराजमान अद्भुत प्रतिमा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नागराज तक्षक ने भगवान शिव की आराधना कर महाकाल वन में निवास का वरदान प्राप्त किया था। इसी मान्यता के चलते नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर स्वरूप में भगवान शिव की पूजा होती है।
मंदिर के पट साल में केवल एक बार नागपंचमी पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इसी कारण दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर के दर्शन से सर्पदोष और नाग संबंधी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।