आवेदकों की परेशानी कम करने इंदौर प्रशासन की पहल; समस्याएं सुनकर मौके पर निराकरण, बाकी मामलों में अधिकारियों को समयसीमा
इंदौर। कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के लिए आने वाले ऐसे लोगों को अब आवेदन लिखने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जिन्हें शासकीय कार्यालयों में दिए जाने वाले आवेदन तैयार करने में परेशानी होती है। जिला प्रशासन ने आवेदकों की सुविधा के लिए कलेक्ट्रेट में आवेदन लेखन की विशेष व्यवस्था शुरू की है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवेदकों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुशासन की पहल के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ सरल और सहज तरीके से उपलब्ध कराना है। आवेदन लेखन की सुविधा से नागरिक अपनी समस्या या मांग को व्यवस्थित रूप से संबंधित अधिकारी के सामने रख सकेंगे।
जनसुनवाई में कलेक्टर वर्मा ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं और जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव था,उनका हाथों-हाथ निराकरण कराया। जिन प्रकरणों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनमें संबंधित अधिकारियों को समयसीमा तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि आवेदकों को आवेदन लिखने के साथ जरूरी मार्गदर्शन और अन्य सुविधाएं भी सहजता से उपलब्ध कराई जाएं। शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ हिमांशु प्रजापति,अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार और रिंकेश वैश्य,अपर आयुक्त नगर निगम शृंगार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने भी नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में पारिवारिक और संपत्ति विवाद, भूखंड आवंटन, आपसी विवाद सहित अन्य मामलों से जुड़े आवेदन पहुंचे।