आदिवासी अंचल में विकास की नई पटरी
धार। आजादी के बाद से रेल का इंतजार कर रहे आदिवासी अंचल टांडा के लिए सोमवार ऐतिहासिक दिन रहा। करीब 79 साल बाद टांडा की धरती पर पहली बार रेल इंजन दौड़ा। छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच करीब 15.68 किमी लंबे रेलखंड पर इलेक्ट्रिक लोको का स्पीड ट्रायल किया गया। इंजन को अधिकतम 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाकर ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तकनीकी जांच की गई।
रेल इंजन के टांडा रोड स्टेशन पहुंचते ही क्षेत्र में उत्साह का माहौल नजर आया। लंबे समय से सड़क परिवहन पर निर्भर आदिवासी अंचल के लिए यह सिर्फ रेल ट्रायल नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब इस रेलखंड को यात्री ट्रेन संचालन के लिए सीआरएस (रेलवे संरक्षा आयुक्त) के निरीक्षण और मंजूरी का इंतजार है।
120 की रफ्तार से परखी ट्रैक की क्षमता
डेकाकुंड-टांडा रोड के बीच हुए स्पीड ट्रायल में रेलवे की तकनीकी टीम ने निर्धारित गति पर ट्रैक की मजबूती और क्षमता को परखा। साथ ही सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरहेड विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता भी जांची गई। सीआरएस निरीक्षण में ट्रैक, पुल, सिग्नल और अन्य तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच होगी।
टांडा से 4 किमी दूर स्टेशन
रेलवे ने टांडा से करीब चार किलोमीटर दूर टांडा रोड स्टेशन तैयार किया है। इसी स्टेशन तक सोमवार को इलेक्ट्रिक लोको पहुंचा। अब यात्री ट्रेन संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
करीब 100 किमी ट्रैक तैयार, धार तक काम जारी
छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत गुजरात के छोटा उदयपुर से मध्यप्रदेश के धार तक रेल संपर्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना के करीब 100 किमी हिस्से में ट्रैक तैयार हो चुका है। आलीराजपुर जिले के जोबट तक यात्री ट्रेन चल रही है, जबकि आगे टांडा रोड की दिशा में भी ट्रैक तैयार किया जा चुका है। धार की ओर शेष काम जारी है।
दिसंबर तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य
रेलवे से जुड़े सूत्रों के अनुसार डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच दिसंबर 2026 तक यात्री ट्रेन शुरू करने का लक्ष्य है। सीआरएस की मंजूरी इस दिशा में सबसे अहम चरण होगी। रेल सेवा शुरू होने से धार और आदिवासी अंचल का गुजरात से संपर्क मजबूत होगा। अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई की ओर आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, रोजगार, शिक्षा और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।