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धार

अतिक्रमण हटाया, अब वन विभाग की चुनौती बढ़ी: सीमांकन के खंभे उखाड़े, बीट के गेट चोरी; आरोपी अब भी फरार

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
अतिक्रमण हटाया, अब वन विभाग की चुनौती बढ़ी: सीमांकन के खंभे उखाड़े, बीट के गेट चोरी; आरोपी अब भी फरार

लावणी में 8 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण मुक्त, ग्रामीणों से मांगा सहयोग; सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई का इंतजार

धार। जिले में वनभूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमणकारियों के हौसले कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। वन विभाग द्वारा सीमांकन के लिए लगाए गए खंभों को उखाड़ने और बीट के प्रवेश द्वार चोरी होने की घटनाओं ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

वन विभाग ने हाल ही में लावणी क्षेत्र की 8 हेक्टेयर से अधिक वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर दोबारा विभागीय कब्जे में लिया था। इसके बाद चिखलिया क्षेत्र में सीमांकन के नए खंभे लगाए गए, ताकि वनभूमि की स्पष्ट पहचान बनी रहे और दोबारा अतिक्रमण की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके। हालांकि कुछ स्थानों पर इन खंभों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं।

अतिक्रमण हटाया, अब वन विभाग की चुनौती बढ़ी: सीमांकन के खंभे उखाड़े, बीट के गेट चोरी; आरोपी अब भी फरार - 2

वन अधिकारियों ने ग्राम वन समिति और ग्रामीणों के साथ बैठक कर वन संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। बैठक में अवैध कटाई, अवैध चराई, वनाग्नि तथा अन्य वन अपराधों की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की गई। साथ ही वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधारोपण, पौधों की सुरक्षा और खेतों की मेड़ों पर वृक्ष लगाने का संदेश भी दिया गया।

वन विभाग का कहना है कि वन संपदा की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय समाज की सक्रिय भागीदारी से ही अतिक्रमण और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

19 जून को चोरी हुए गेट का अब तक नहीं मिला सुराग

मंडली बीट क्रमांक-142 और पर्वतपुरा बीट क्रमांक-141 के प्रवेश द्वार 19 जून को चोरी हो गए थे। घटना को कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इधर, सीमांकन के दौरान खंभे गिरने के मामले में संबंधित रेंजर ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है और जांच जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर दोबारा कब्जे की किसी भी कोशिश को सख्ती से विफल किया जाएगा।

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