पुलिस कमिश्नर ने नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया हौसला
इंदौर। शहर के बहुचर्चित अंधे कत्ल का महज कुछ दिनों में पर्दाफाश कर फरार आरोपी को गिरफ्तार करने वाली थाना सेंट्रल कोतवाली पुलिस टीम को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सम्मानित किया। मंगलवार को पलासिया स्थित पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक सम्मान समारोह में पुलिस कमिश्नर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर उनके कार्य की सराहना की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी टीम का उत्साहवर्धन किया।
दरअसल, सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक व्यक्ति का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। मृतक की पहचान उज्जैन निवासी महेश मालवीय के रूप में हुई थी। मामले में कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद या स्पष्ट सुराग नहीं होने के कारण पुलिस के सामने चुनौतीपूर्ण स्थिति थी। हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और थाना प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र पाराशर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा इंदौर, उज्जैन और भोपाल सहित विभिन्न स्थानों के करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही लगभग 30 संदिग्धों से पूछताछ कर हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ा गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफल रही।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना की रात आरोपी और मृतक के बीच शराब पीने के दौरान विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में पास में रखी ईंट से महेश मालवीय के सिर पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी चंदू उर्फ चंद्र पिता दोराम गंगवाल (31 वर्ष), निवासी ग्राम नादेर, थाना मंडीदीप, जिला रायसेन की पहचान की।
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने भोपाल, उज्जैन सहित कई स्थानों पर दबिश दी। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा और मोबाइल व सोशल मीडिया का उपयोग भी नहीं कर रहा था, जिससे उसकी तलाश और चुनौतीपूर्ण हो गई। आखिरकार मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को इंदौर बायपास क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

इस उत्कृष्ट विवेचना और त्वरित कार्रवाई के लिए निरीक्षक रवीन्द्र पाराशर, प्रधान आरक्षक मुकेश लोभाना, प्रधान आरक्षक पंकज बघेल, प्रधान आरक्षक प्रदीप शर्मा, प्रधान आरक्षक लोकेश प्रजापत और आरक्षक संजीव धर को पुलिस कमिश्नर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही ई-शपथ के विश्व रिकॉर्ड अभियान में सहभागिता करने वाली विभिन्न पुलिस इकाइयों, प्रशिक्षण संस्थानों, पुलिस लाइन और थानों को भी वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि उत्कृष्ट पुलिसिंग करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का सम्मान करना पूरी पुलिस फोर्स का मनोबल बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पुलिसकर्मी इसी समर्पण और पेशेवर अंदाज के साथ आमजन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।