महेश बोला- उज्जैन की आरा मशीन से लेकर आया था माल; वन विभाग खंगाल रहा लकड़ी के स्रोत से लेकर इंदौर के गंतव्य तक की कड़ी
इंदौर। देर रात वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए गुटके-फाचरे से भरे आयसर वाहन को पकड़ा। वाहन क्रमांक एमपी-13-जीबी-5968 को बारोली के पास रोककर जांच की गई। कार्रवाई डीएफओ लाल सुधाकर सिंह के निर्देश पर रेंजर संगीता ठाकुर के मार्गदर्शन में सांवेर के डिप्टी रेंजर भीम सिंह कुशवाह के नेतृत्व में की गई।
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उज्जैन की ओर से वन उपज से भरा वाहन सांवेर होते हुए इंदौर की तरफ जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी शुरू की। बारोली के पास संदिग्ध आयसर को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें गुटके-फाचरे भरे मिले।
पूछताछ के दौरान वाहन चालक महेश ने अधिकारियों को बताया कि वह यह गुटके-फाचरे उज्जैन में श्याम जायसवाल की आरा मशीन से लेकर आया था और माल को इंदौर ले जाना था। चालक के बयान के बाद मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। हालांकि उसके द्वारा बताई गई जानकारी की पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
वन विभाग ने वाहन को जब्त कर नवरतन बाग कार्यालय में खड़ा कराया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी मूल रूप से कहां से आई थी, उसे आरा मशीन तक किसने पहुंचाया और परिवहन के लिए कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए।
इसके अलावा इंदौर में माल किस व्यक्ति, आरा मशीन, फैक्ट्री या कारखाने तक पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। मामले में वन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई में डिप्टी रेंजर भीम सिंह कुशवाह के साथ वनरक्षक अजीत यादव की भूमिका रही।