ओरछा में जुटेंगे 318 नेता, अजय जामवाल निभाएंगे संगठन महामंत्री की भूमिका
30-31 अगस्त को दो दिन चलेगी बैठक; संघ में हितानंद शर्मा की वापसी के बाद लंबे समय से खाली है पद, शिवप्रकाश भी रहेंगे मौजूद
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 और 31 अगस्त को निवाड़ी जिले के ओरछा में होगी। बैठक में प्रदेश के चुनिंदा 318 पदाधिकारी और नेता अलग-अलग सत्रों में शामिल होंगे। इनमें जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, संभागीय प्रभारी, प्रदेश प्रभारी, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विधायक, सांसद और मध्यप्रदेश से जुड़े केंद्रीय पदाधिकारी शामिल हैं।
इस बार बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति पहली बार बिना प्रदेश संगठन महामंत्री के हो रही है। संघ में हितानंद शर्मा की वापसी के बाद से यह पद खाली है। फिलहाल प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी का कामकाज क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल संभालेंगे।
अजय जामवाल संबोधित करेंगे संगठन से जुड़े सत्र
कार्यसमिति में आमतौर पर संगठन महामंत्री के लिए निर्धारित सत्र इस बार अजय जामवाल संबोधित करेंगे। वे प्रदेश भाजपा के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा, संगठन की गतिविधियों और अब तक आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी देंगे। केंद्रीय संगठन मंत्री शिवप्रकाश भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
भाजपा में संगठन महामंत्री का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। संगठन और संघ के बीच समन्वय के साथ सरकार व पार्टी के बीच तालमेल में भी संगठन महामंत्री की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में प्रदेश में यह पद लंबे समय से खाली होना बैठक का महत्वपूर्ण राजनीतिक-संगठनात्मक पहलू माना जा रहा है।
दो दिन अलग-अलग सत्र, कई बड़े नेता होंगे शामिल
दो दिवसीय बैठक में भाजपा के प्रदेश और केंद्रीय पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय संगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे।
इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कार्यसमिति के सत्रों में अपनी बात रखेंगे।
फिलहाल नई नियुक्ति के आसार कम
भाजपा में संगठन महामंत्री की नियुक्ति को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक देश के करीब एक दर्जन राज्यों में अभी संगठन महामंत्री का पद खाली है। ऐसे में मध्यप्रदेश में भी निकट भविष्य में नियुक्ति की संभावना कम मानी जा रही है। ओरछा की बैठक इसी खाली पद के बीच संगठन की आगामी दिशा तय करने वाली अहम बैठक होगी।