विकास अनुमति के लिए बंधक प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप, क्राइम ब्रांच रिमांड पर लेकर खंगाल रही अन्य सौदों का रिकॉर्ड
इंदौर। रियल एस्टेट के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक निजी इंफ्रा कंपनी की डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विकास अनुमति के लिए शासन के पास पहले से बंधक रखे गए प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर महिला से 18.75 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस को आशंका है कि इसी तरह कई अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की गई हो सकती है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, फरियादिया वनिता डांगी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रियलिटी यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर अनीता गहलोत ने ऑर्चिड पार्क कॉलोनी में कम कीमत पर प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। जांच में सामने आया कि संबंधित प्लॉट विकास अनुमति के लिए पहले से ही शासन के पास बंधक था,लेकिन यह तथ्य छिपाकर प्लॉट क्रमांक जे-16 का विक्रय अनुबंध तैयार किया गया और फरियादिया से 18 लाख 75 हजार रुपये वसूल लिए गए।
शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने अपराध क्रमांक 99/2026 दर्ज कर (बीएनएस) की धाराओं 318(4) और 316(5) के तहत प्रकरण कायम किया। इसके बाद आरोपिया अनीता गहलोत,निवासी ग्राम शाहपुरा (वर्तमान पता प्लेटिनम पैराडाइज टावर, बायपास,इंदौर) को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपिया को न्यायालय से रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच अब कंपनी के दस्तावेज,बंधक प्लॉटों का रिकॉर्ड और अन्य निवेशकों से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में रियल एस्टेट से जुड़े अन्य फर्जीवाड़ों का भी खुलासा हो सकता है। यदि किसी अन्य व्यक्ति से भी इसी तरह ठगी हुई है,तो उसे सामने आने की अपील भी की जा सकती है।