भोपाल में 200 से ज्यादा मकानों में पानी, खंडवा में दंपती को पुलिस ने बचाया; रायसेन में पुल डूबे, खरगोन में 24 गांव अलर्ट
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर जनजीवन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही भारी बारिश से नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। बांधों में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के बाद कई जगह गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। निचले इलाकों में जलभराव, पुल-पुलियों के डूबने और सड़क संपर्क प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को होमगार्ड मुख्यालय स्थित सिचुएशन रूम से प्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 527 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
भोपाल में 200 से ज्यादा मकानों में पानी
राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के कारण निचली बस्तियों और करीब 200 मकानों में पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ। पानी में विद्युत ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स डूबने के कारण सुरक्षा के लिहाज से कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी। बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल और गुना में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।
नर्मदा-तवा का जलस्तर बढ़ा
नर्मदापुरम में लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। तवा डैम में भी पानी की आवक बढ़ी है। मंडला, डिंडौरी और जबलपुर में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का बहाव तेज है। कई छोटे पुल और रास्ते पानी में डूबने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
खंडवा में पुलिस ने बचाया दंपती
खंडवा में करीब 20 घंटे से जारी बारिश के बीच तीन पुलिया पर उफनते पानी में बाइक सहित बह रहे दंपती को पुलिस जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र मंडलोई और आरक्षक राजू भंवरे ने तेज बहाव के बीच उतरकर दोनों की जान बचाई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इसी जिले के पंधाना क्षेत्र में भगवंत सागर डैम के चार गेट खोलकर सुक्ता नदी में पानी छोड़ा गया। इससे आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लगातार बारिश से किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिली है, हालांकि तराई वाले खेतों में जलभराव से नुकसान की चिंता भी बढ़ी है।
रायसेन में पुल डूबे, स्कूल बंद
रायसेन में लगातार बारिश के कारण सांची रोड पर पगनेश्वर और भोपाल रोड पर जाखा के पास बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया। छोटे पुल पानी में डूब गए। सेमरा के पीएमश्री स्कूल परिसर में भी पानी भर गया। सुरक्षा को देखते हुए जिले में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।
खरगोन में 24 गांव अलर्ट
खरगोन में बारिश के कारण अपरवेदा बांध के दो गेट खोले गए हैं। करीब 340 क्यूमेक पानी छोड़े जाने के बाद निचले क्षेत्र के 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया। प्रशासन लगातार बांध और नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहा है।
सारंगपुर में घरों में घुसा पानी
सारंगपुर क्षेत्र में तेज बारिश के बाद कई गांवों में जलभराव हो गया। आलूनी सहित आसपास के गांवों में घरों में पानी घुसने से अनाज, खाद और बीज खराब होने की शिकायत सामने आई है। प्रभावित ग्रामीणों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
हाड़ौती में भी बारिश का कहर
मध्यप्रदेश से लगे राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में भी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में कई स्थानों पर भारी बारिश से नदियां-नाले उफान पर हैं। बांधों में पानी की आवक बढ़ने के बाद कई जगह गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।
सीएम ने कहा—लापरवाही न करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उनका हाल जाना और कहा कि नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोग विशेष सावधानी बरतें। सरकार ने मैदानी अमले को अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों से भी राहत-बचाव दल की मदद लेने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की अपील: नदी, नाले, रपट और जलमग्न पुलों को पार करने की कोशिश न करें। बैरिकेडिंग और प्रशासन की चेतावनी की अनदेखी भारी पड़ सकती है।