धार्मिक आयोजन में लाया गया था हाथी; अनुमति, सुरक्षा इंतजाम और भीड़ नियंत्रण की होगी जांच
इंदौर। चंदन नगर थाना क्षेत्र के राजनगर में हाथी के हमले में ऑटो रिक्शा चालक की मौत के बाद पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर हाथी जैसे विशालकाय वन्यजीव को बिना पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधों के शहर की घनी आबादी वाले इलाके में कैसे लाया गया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार राजनगर क्षेत्र में एक धार्मिक आयोजन के लिए हाथी लाया गया था। इसी दौरान स्थानीय ऑटो चालक हाथी को गुड़-चना खिलाने पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही वह हाथी के करीब पहुंचा, हाथी अचानक आक्रामक हो गया। उसने युवक को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर कुचल दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह युवक को छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हादसे के बाद पुलिस ने महावत से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि हाथी को शहर में लाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति ली गई थी या नहीं, सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा आयोजन स्थल पर भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि शहर की सीमा में हाथी जैसे बड़े जानवरों के प्रवेश को लेकर मौजूदा नियमों की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए विस्तृत एसओपी तैयार की जाएगी, जिसमें अनुमति प्रक्रिया, सुरक्षा घेरा, प्रशिक्षित महावत की मौजूदगी, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्था जैसे सभी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद भविष्य में धार्मिक आयोजनों या अन्य कार्यक्रमों में बड़े जानवरों को लाने से पहले कड़े सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाएगा, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।