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इंदौर

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय: श्रावण के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय: श्रावण के पहले सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब

 

दूध, दही, शहद और पंचामृत से हुआ महाअभिषेक, द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में प्रतिदिन बन रहे सवा लाख पार्थिव शिवलिंग

       इंदौर। भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र माना जाने वाला श्रावण मास भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्रावण के पहले सोमवार पर इंदौर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दूध,दही,शहद,घी और पंचामृत से महाअभिषेक कर बिल्वपत्र,धतूरा, पुष्प और फल अर्पित किए तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।

   धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। पौराणिक कथा के अनुसार इसी काल में समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था, जिसके कारण वे नीलकंठ कहलाए। तभी से श्रावण मास में शिव आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।

   परदेशीपुरा स्थित प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहा। मंदिर की प्रबंधक संजीता विजयवर्गीय ने बताया कि श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष पूजन, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान भी निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

     मंदिर पहुंचीं श्रद्धालु दीपिका मिलन सिंह ने बताया कि वे कई वर्षों से श्रावण मास में यहां आकर विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख,शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करती हैं।

  श्रद्धा और भक्ति के इस पर्व में वृंदावन से आई सखियों ने भगवान भोलेनाथ के दरबार में मनमोहक भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। दिनभर मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और शिव आराधना का क्रम जारी रहा।वहीं समाजवादी इंदिरा नगर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर गणेश चौक में भी भक्तों की भीड़ देखी गई।

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