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मध्यप्रदेश

हाथियों की हिफाजत में दिन-रात डटे रहे, मप्र के दो वनरक्षकों को ‘गज गौरव’ सम्मान  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
हाथियों की हिफाजत में दिन-रात डटे रहे, मप्र के दो वनरक्षकों को ‘गज गौरव’ सम्मान

 

शहडोल के बुढ़ार रेंज में मानव-हाथी संघर्ष रोकने में निभाई अहम भूमिका; ग्रामीणों की सुरक्षा से लेकर हाथियों के सुरक्षित आवागमन तक संभाला मोर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल दक्षिण वन मंडल के बुढ़ार रेंज में पदस्थ वनरक्षक समहरूदीन बैगा और राकेश बैगा को मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘गज गौरव अवॉर्ड’ श्रेणी-I से संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया है। दोनों वनरक्षकों ने वर्ष 2025-26 में हाथियों की लगातार निगरानी, रात्रि गश्त और ग्रामीणों के साथ समन्वय कर इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

हाथियों की मौजूदगी, रात-दिन निगरानी

बुढ़ार रेंज में हाथियों के झुंड लंबे समय तक सक्रिय रहे। ऐसे संवेदनशील दौर में दोनों वनरक्षक दिन-रात मैदान में डटे रहे। उन्होंने हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और ग्रामीणों को समय पर सूचना देकर उन्हें सतर्क किया। संवेदनशील परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी सहयोग किया।

ग्रामीणों को समझाया, मुआवजे के लिए भी समन्वय

दोनों वनरक्षकों ने प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान चलाए। हाथियों के व्यवहार और उनके सुरक्षित आवागमन को लेकर ग्रामीणों को जानकारी दी। नुकसान से प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय किया।

न इंसान की जान गई, न हाथी घायल हुए

लगातार मैदानी निगरानी और समयबद्ध हस्तक्षेप का असर यह रहा कि हाथियों को सुरक्षित रूप से अनूपपुर क्षेत्र की ओर बढ़ाने में सफलता मिली। इस दौरान किसी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की घटना नहीं हुई, वहीं हाथियों को भी चोट से बचाया गया। आवासीय संपत्तियों को होने वाले नुकसान को भी न्यूनतम रखने में सफलता मिली।

   गज गौरव अवॉर्ड हाथी संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन और हाथियों की सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वनकर्मियों को दिया जाता है। मध्यप्रदेश के दोनों वनरक्षकों का यह सम्मान मैदानी वन अमले के साहस, संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल है।

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