कर्मचारियों का तर्क- जंगल में 24 घंटे ड्यूटी, कार्यालय जैसी डिजिटल हाजिरी कैसे संभव; रीवा, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और डिंडोरी में भी विरोध
भोपाल। वन विभाग में लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर कार्यपालिका वन कर्मचारियों का विरोध अब प्रदेशभर में फैलने लगा है। भोपाल में पीसीसीएफ को ज्ञापन देने के बाद धार वन मंडल में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर डीएफओ को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा रीवा, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और डिंडोरी समेत कई जिलों में भी कर्मचारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश वन कर्मचारी मंच का कहना है कि कार्यपालिका वन कर्मचारियों की ड्यूटी सामान्य कार्यालयीन कर्मचारियों से बिल्कुल अलग है। जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों की निगरानी, अवैध कटाई रोकने और आकस्मिक परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए कर्मचारियों को लगातार मैदानी क्षेत्रों में रहना पड़ता है। कई बार उन्हें निर्धारित कार्यालयीन समय के बाहर भी तत्काल ड्यूटी पर पहुंचना पड़ता है।
‘हमारी ड्यूटी 24 घंटे की, कार्यालय जैसी हाजिरी व्यावहारिक नहीं’
वन कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि वन विभाग के वन प्रमुख ने कार्यपालिका वन कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की है, जबकि उनकी कार्यप्रणाली सामान्य कार्यालयीन कर्मचारियों से अलग है।
कर्मचारी नेताओं का तर्क है कि डिजिटल हाजिरी ऐसी नौकरियों के लिए अधिक उपयुक्त है, जहां कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित रहते हैं। इसके विपरीत वन कर्मचारी लगातार जंगल और दूरस्थ इलाकों में तैनात रहते हैं। कई स्थानों पर नेटवर्क और इंटरनेट की समस्या भी रहती है। ऐसे में ई-अटेंडेंस व्यवस्था उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।
पुलिस विभाग का उदाहरण देकर छूट की मांग
कर्मचारी नेताओं ने पुलिस विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि कार्यपालिका पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी का स्वरूप भी 24 घंटे का होता है, इसलिए उनके लिए कार्यालयीन कर्मचारियों जैसी ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू नहीं की गई है। वन कर्मचारियों ने भी इसी आधार पर कार्यपालिका वन अमले को ई-अटेंडेंस से अलग रखने की मांग की है।
कई वन मंडलों में ज्ञापन, हजारों कर्मचारी विरोध में
भोपाल, धार, रीवा, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और डिंडोरी सहित कई वन मंडलों में कर्मचारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। मंच का दावा है कि प्रदेशभर में हजारों वन कर्मचारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं।
वन कर्मचारी नेता अशोक पांडे,बाल सिंह ठाकुर,ध्रुव मिश्रा,नरेंद्र पांडे, शोभित राम,धनेंद्र खरे, राजेन्द्र राठौर, विनोद राठौर, संजय बादशाह,लव प्रकाश पाराशर और हरि सिंह गुर्जर सहित अन्य नेता आंदोलन में सक्रिय हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांग पर जल्द विचार नहीं हुआ तो विरोध को और व्यापक किया जाएगा।