इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के इंदौर नगर अध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए 11 दावेदारों के नाम सामने आने के बाद आपसी खींचतान और अंदरूनी गुटबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में अध्यक्ष पद की दौड़ के एक उम्मीदवार और वर्तमान नगर महामंत्री मयूरेश पिंगले के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय भोपाल भेजा गया है। भोपाल भेजी गई फाइल में पिंगले और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े आपराधिक प्रकरणों की विस्तृत जानकारी शामिल की गई है, जिससे इस पद पर नियुक्ति का मामला और अधिक उलझ गया है।
इंदौर संगठन स्तर पर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा 11 नामों का पैनल भोपाल भेजा गया था, ताकि सभी गुटों को साधते हुए विवाद से बचा जा सके। हालांकि, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने ग्वालियर और उज्जैन सहित 15 जिलों में नियुक्तियां कर दी हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इंदौर जिले में सर्वसम्मति न बन पाने के कारण अंतिम घोषणा रोक दी गई है। मयूरेश पिंगले के पक्ष में जहां स्थानीय स्तर पर विधायक मालिनी गौड़ और सुमित मिश्रा का समर्थन बताया जा रहा है। इसके अलावा, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की आपत्तियों और स्थानीय नेताओं की खींचतान के कारण फैसला अटक गया।
दावेदारी की इस रेस में कई अन्य नाम भी मजबूती से सामने आए हैं। स्थानीय नेताओं की पसंद के तौर पर अक्षांशु तिवारी का नाम चर्चा में है, जबकि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-5 से अमित सिंह कुशवाह को विधायक महेंद्र हार्डिया और नगर प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी का समर्थन हासिल है। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पसंद के रूप में अमित पालीवाल का नाम भी पैनल में शामिल है। इस बीच, संगठन द्वारा संतुलन बनाने के उद्देश्य से पिंगले को अध्यक्ष और तिवारी को महामंत्री बनाए जाने के फॉर्मूले पर भी विचार किया गया था, लेकिन आपराधिक मामलों से जुड़ी शिकायतों के भोपाल पहुंचते ही मामला रुक गया।
इंदौर के प्रभारी मंत्री और प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सहमति भी इस नियुक्ति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी आलाकमान किसी भी विवादित चेहरे पर दांव लगाने के बजाय एक स्वच्छ, अनुभवी और सर्वमान्य युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रहा है। अंतिम फैसला भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय और वरिष्ठ नेतृत्व की हरी झंडी के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।