← वापस
मध्यप्रदेश

इंदौर जा रही गाड़ी में टीपी से 88 काष्ठ ज्यादा,5 पर वन अपराध का केस  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
इंदौर जा रही गाड़ी में टीपी से 88 काष्ठ ज्यादा,5 पर वन अपराध का केस

 

53 नग की अनुमति लेकर 141 काष्ठ ले जा रहे थे; टाइगर स्ट्राइक फोर्स इंदौर की टीम ने भी की जांच, वाहन-लकड़ी जब्त

     शाजापुर। इंदौर जा रही लकड़ी से भरी गाड़ी की जांच में वन विभाग को बड़ी गड़बड़ी मिली। वाहन में 141 नग काष्ठ भरा था, जबकि उसके पास केवल 53 नग काष्ठ के परिवहन की टीपी थी। यानी अनुमति से 88 नग अधिक लकड़ी ले जाई जा रही थी। वन विभाग ने ट्रक और लकड़ी जब्त कर पांच लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश वनोपज अधिनियम के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई इंदौर की टीम भी शामिल रही।

     प्रभारी वन मंडलाधिकारी अमित कुमार चौहान के निर्देश पर उप वन मंडलाधिकारी एफएस निनामा और प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी शाजापुर पीरूलाल खाटकी के नेतृत्व में टीम रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान एबी रोड पर दुपाड़ा मार्ग स्थित ब्रिज के पास ट्रक क्रमांक एमपी 09 जेडपी 7766 को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई। दस्तावेजों के अनुसार वाहन को नरसिंहगढ़ से इंदौर ले जाने के लिए ब्यावरा वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा 53 नग काष्ठ की अनुमति जारी की गई थी। जांच में वाहन में 141 नग काष्ठ मिलने के बाद मामला संदिग्ध हो गया।

       टीपी की जांच से सामने आएगा लकड़ी का स्रोत

अब वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि अनुमति से अतिरिक्त 88 नग काष्ठ कहां से वाहन में लोड किया गया। टीपी किस आधार पर जारी हुई और उसमें दर्ज काष्ठ की मात्रा से अधिक लकड़ी वाहन में कैसे पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है। विभागीय स्तर पर ट्रांजिट पास के जरिए एक स्थान की लकड़ी को दूसरे जिले के दस्तावेजों के सहारे परिवहन किए जाने की शिकायतों की भी चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

      14 आरा मशीनें सील होने के बाद फिर उठे सवाल

कुछ दिन पहले शाजापुर एसडीएम ने जिले में 14 आरा मशीनों को सील करने की कार्रवाई की थी। उस दौरान भी आरा मशीनों पर मौजूद लकड़ी के स्रोत और वैध दस्तावेजों को लेकर सवाल उठे थे। अब इंदौर जा रही गाड़ी में अनुमति से अधिक लकड़ी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। विभाग यह भी पता लगाएगा कि जब्त काष्ठ कहां से काटी गई और किस आरा मशीन या स्थान से वाहन में भरी गई थी।

           इनका का कहना

प्रभारी डीएफओ अमित कुमार चौहान, शाजापुर ने बताया कि राजगढ़ से रामबाबू पिता रामप्रसाद के नाम की गाड़ी आई है। जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टीपी जहां से जारी हुई,वहां से संबंधित अभिलेख लिए जाएंगे। वाहन में टीपी से अधिक टिंबर मिला है। बिना टीपी वाले टिंबर के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में मध्यप्रदेश वनोपज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

खबरें और भी हैं...