इंदौर। शहर में अब हर गली, चौराहे और प्रमुख मार्ग पर एक ही संदेश गूंजेगा—"नशे से दूरी है जरूरी"। युवाओं को ड्रग्स की लत से बचाने और नशामुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस ने गुरुवार को दो विशेष जन-जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ अगले 15 दिनों तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देश पर 15 से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में इंदौर पुलिस लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
रथों में लगी एलईडी स्क्रीन पर शॉर्ट फिल्में, वीडियो संदेश, जागरूकता क्लिप और प्रेरक स्लोगन प्रदर्शित किए जाएंगे। इन माध्यमों से युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को ड्रग्स के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने जागरूकता रथों को रवाना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं,बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही युवाओं को इस बुराई से बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह,डीसीपी मुख्यालय अमन सिंह राठौड़, अतिरिक्त डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया,ट्रेनी डॉक्टर,पुलिस अधिकारी-कर्मचारी,सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। इंदौर पुलिस का उद्देश्य इस अभियान के जरिए शहर के हर वर्ग तक नशामुक्त जीवन का संदेश पहुंचाना है।