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इंदौर

इंदौर में आजादी के दिन 11 आजीवन कैदी हुए आजाद, 14 साल जेल और 6 साल की माफी पूरी  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
इंदौर में आजादी के दिन 11 आजीवन कैदी हुए आजाद, 14 साल जेल और 6 साल की माफी पूरी

 

इंदौर। स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर केंद्रीय जेल में 11 बंदियों के लिए आजादी का दिन नई जिंदगी की शुरुआत लेकर आया। आजीवन कारावास की सजा काट रहे 11 बंदियों को शासन के नियमों और अच्छे आचरण के आधार पर समय पूर्व रिहा किया गया। इनमें 10 पुरुष और एक महिला बंदी शामिल हैं। रिहाई के बाद सभी ने परिवार के साथ नई शुरुआत करने की राह पकड़ी।

    जेल अधीक्षक दिनेश कुमार नरगावे ने बताया कि रिहा किए गए बंदियों ने कम से कम 14 वर्ष का वास्तविक कारावास और 6 वर्ष की माफी अवधि पूरी कर ली थी। निर्धारित पात्रता, जेल में आचरण और शासन के नियमों के अनुसार इनकी समय पूर्व रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जेल से बाहर निकलना उनके लिए भावनात्मक और यादगार पल रहा।

नरगावे बोले- बीती गलतियों को पीछे छोड़कर जिम्मेदारी से जिएं

जेल अधीक्षक नरगावे ने रिहा हुए बंदियों को नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जेल में बिताए समय को सीख के रूप में लें। जो बीत गया, उसे पीछे छोड़कर अब परिवार के साथ शांतिपूर्ण और जिम्मेदार जीवन जीने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कई बार अपराध आवेश, परिस्थितियों या गलत संगत के प्रभाव में हो जाते हैं। इसलिए आगे धैर्य, संयम और समझदारी के साथ कदम उठाना जरूरी है।

युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील

नरगावे ने युवाओं और नई पीढ़ी को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने और खुद पर नियंत्रण रखने की क्षमता को प्रभावित करता है। कई बार यही स्थिति अपराध की वजह बन जाती है। स्वस्थ और सुरक्षित जीवन के लिए नशे से पूरी तरह दूरी बनाए रखना जरूरी है।

  उन्होंने रिहा हुए बंदियों से भी अपील की कि वे अब कानून का पालन करते हुए परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। स्वतंत्रता दिवस पर हुई यह रिहाई उनके लिए सिर्फ जेल से बाहर आने का अवसर नहीं, बल्कि गलतियों को पीछे छोड़कर नए और बेहतर जीवन की शुरुआत का संदेश भी बनी।

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