कमलेश कालरा के घर हमले के बाद 6 साल के लिए हुए थे निष्कासित; एमआईसी से भी दिया था इस्तीफा, जिला अध्यक्ष की अनुशंसा पर प्रदेश नेतृत्व ने लिया फैसला
इंदौर। भाजपा ने इंदौर के पार्षद जीतू यादव के खिलाफ की गई संगठनात्मक कार्रवाई खत्म कर दी है। पुलिस जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद पार्टी ने उनका प्राथमिक सदस्यता से किया गया निष्कासन वापस ले लिया। जिला भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा को भेजे पत्र में बताया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देशानुसार 18 अगस्त 2026 को जीतू यादव का निष्कासन समाप्त कर दिया गया। जिला अध्यक्ष की अनुशंसा के बाद यह निर्णय लिया गया है।
कमलेश कालरा के घर हमले के बाद विवाद में आए थे
जीतू यादव जनवरी 2025 में भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के खातीवाला टैंक स्थित घर पर हुए हमले के बाद विवादों में आए थे। 3-4 जनवरी की दरमियानी रात बदमाशों ने कालरा के घर पहुंचकर परिवार के साथ मारपीट और अभद्रता की थी। मामले में आरोप लगे थे कि हमलावर जीतू यादव के समर्थक थे और उनके इशारे पर यह घटनाक्रम हुआ।
घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया था। परिवार के साथ हुई मारपीट और नाबालिग बेटे के साथ कथित अभद्रता को लेकर भाजपा के भीतर ही विरोध के स्वर उठे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले को गंभीरता से लिया था।
एमआईसी से इस्तीफा, फिर पार्टी से 6 साल का निष्कासन
विवाद बढ़ने के बाद जीतू यादव ने एमआईसी सदस्य पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के मामले में उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की और जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया था।
इस कार्रवाई के बाद जीतू यादव लंबे समय तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर रहे। वहीं, पुलिस जांच में घटनाक्रम और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की भी जांच जारी रही।
पुलिस जांच में क्लीन चिट के बाद बदला फैसला
अब पुलिस जांच में जीतू यादव को क्लीन चिट मिलने के बाद भाजपा ने पूरे मामले की दोबारा समीक्षा की। जिला अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने प्रदेश संगठन के समक्ष उनकी सदस्यता बहाल करने की अनुशंसा की। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर 18 अगस्त को निष्कासन समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया।
इस फैसले के साथ ही जीतू यादव की भाजपा की प्राथमिक सदस्यता बहाल हो गई है। हालांकि, संगठन में उन्हें आगे कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर फिलहाल कोई निर्णय सामने नहीं आया है।
कार्रवाई के 19 महीने बाद वापसी
जनवरी 2025 के विवाद के बाद संगठनात्मक कार्रवाई झेलने वाले जीतू यादव की करीब 19 महीने बाद भाजपा में वापसी हुई है। पार्टी का यह फैसला पुलिस जांच के निष्कर्ष और जिला संगठन की अनुशंसा के बाद लिया गया है। अब इस फैसले के बाद इंदौर भाजपा की स्थानीय राजनीति में भी इसके असर को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।