चार प्रतिष्ठानों पर छापे, 31 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे; कलेक्टर बोले- मिलावटखोरों पर लगातार चलेगा शिकंजा
इंदौर। मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹12.21 लाख कीमत का 2,165 किलोग्राम से अधिक संदिग्ध घी जब्त कर लिया। जांच रिपोर्ट आने तक पूरे स्टॉक को सीज कर दिया गया है। वहीं बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित एक प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया गया। अभियान के दौरान चार प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर कुल 31 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान में सबसे पहले सुदामा नगर स्थित मेसर्स श्री इंटरप्राइजेज पर कार्रवाई की गई। यहां बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित होता मिला। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांडों का 1,115.4 किलोग्राम संदिग्ध घी बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7.46 लाख है। अधिकारियों ने इसे जब्त कर गौ अमृत, मिस्टी और शाश्वत ब्रांड सहित आठ नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।
इसके बाद ड्रीम सिटी स्थित डुग्गू एंटरप्राइजेज पर छापेमारी में गुजरात से आए विभिन्न ब्रांडों के घी के 14 नमूने लिए गए। यहां से 1,050 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹4.75 लाख आंकी गई है।
टीम ने किशनलाल मायाराम प्रा. लि. और सतगुरु मिल्क प्रोडक्ट का भी निरीक्षण किया, जहां दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाइयों सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
