20 हजार की मांग, सत्यापन में 15 हजार में हुआ सौदा; लोकायुक्त ने भंवरकुआ में बिछाया जाल
इंदौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने नगर निगम की एक वार्ड प्रभारी को संबल योजना की राशि स्वीकृत कराने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई भंवरकुआ क्षेत्र स्थित डीडी गार्डन के पीछे की गली में की गई।
लोकायुक्त के अनुसार, राम मंदिर के पास लिंबोड़ी निवासी 22 वर्षीय आशीष चौधरी ने 17 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के निधन के बाद संबल योजना के तहत मिलने वाली 2 लाख रुपए की सहायता राशि मंजूर कराने के लिए नगर निगम के जॉन-13 की वार्ड प्रभारी संध्या पथरोड और उनके सहायक हरभजन सिंह सलूजा 20 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने 15 हजार रुपए तीन किस्तों में लेने पर सहमति जताई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन और निरीक्षक प्रतिभा तोमर के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
गुरुवार को शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए लेते ही वार्ड प्रभारी संध्या पथरोड को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मौके से रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली गई। सहायक हरभजन सिंह सलूजा की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय की निगरानी में निरीक्षक प्रतिभा तोमर और उनकी टीम ने अंजाम दी।