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इंदौर

इंदौर निगम में 3 लाख के वेतन घोटाले का खुलासा: दो कर्मचारी बर्खास्त, एफआईआर के निर्देश  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
इंदौर निगम में 3 लाख के वेतन घोटाले का खुलासा: दो कर्मचारी बर्खास्त, एफआईआर के निर्देश  

पांच मस्टर कर्मचारियों के बैंक खाते बदलकर अनाधिकृत खाते में भेजी गई वेतन राशि, आयुक्त क्षितिज सिंघल की सख्त कार्रवाई

इंदौर। नगर निगम इंदौर में मस्टर कर्मचारियों के वेतन भुगतान में करीब तीन लाख रुपए के वित्तीय गबन का मामला सामने आया है। पांच मस्टर कर्मचारियों के बैंक खातों में कथित रूप से छेड़छाड़ कर उनके वेतन की राशि एक अनाधिकृत बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाने का खुलासा होने पर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने तत्काल सख्त कार्रवाई की है। मामले में दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  जानकारी के अनुसार, पिछले माह मस्टर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के दौरान एनईएफटी बैंक फाइल असफल होने पर लेखा विभाग ने भुगतान प्रक्रिया की जांच की। जांच में पता चला कि प्रधान कार्यालय की स्थापना शाखा में कार्यरत पांच मस्टर कर्मचारियों के बैंक खाते बदल दिए गए थे, जिसके कारण उनके वेतन की राशि गलत और अनाधिकृत खाते में चली गई।

  प्रारंभिक जांच में स्थापना शाखा में कार्यरत उच्च कुशल श्रमिक अमन सालवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के बैंक खातों में बदलाव कर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। खुलासे के बाद उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया, उनका पारिश्रमिक रोक दिया गया तथा कर्मचारी आईडी भी लॉक कर दी गई।

जांच के दौरान आईटी विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी अनुज पंवार की भूमिका भी सामने आने पर उनकी सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि निगम की राशि में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोनों आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निगम प्रशासन के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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