हर शनिवार पुलिस का सीधा संवाद; नशे, महिला-बाल सुरक्षा और रोड सेफ्टी पर भी होगी जागरूकता,थानों का भ्रमण भी कराएगी पुलिस
इंदौर। अपराध और साइबर ठगी से बचाव के लिए इंदौर पुलिस अब स्कूलों में विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देगी। ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ के तहत सोमवार को शहर के चार स्कूलों में जागरूकता कार्यशालाओं की शुरुआत हुई। पुलिस अधिकारियों ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें अधिकारों, कर्तव्यों के साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी।
पुलिस मुख्यालय भोपाल और स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय तथा यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से संचालित ‘सृजन संवाद योजना’ के तहत यह पहल शुरू की गई है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में शुरू हुए कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ पुलिस और नई पीढ़ी के बीच संवाद मजबूत करना है।
कहीं डीसीपी पहुंचे तो कहीं एडीसीपी ने संभाली क्लास
चिमनबाग स्थित सांदीपनि महाराजा शिवाजीराव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में डीसीपी जोन-3 अभिषेक रंजन ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बाल सुरक्षा, कानून और साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। पुलिस अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा, मौलिक अधिकार और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक किया।
पॉलोग्राउंड स्थित सांदीपनि अहिल्याश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एडीसीपी जोन-3 ओमप्रकाश ने साइबर ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और डिजिटल सुरक्षा के तरीके बताए। एडीसीपी (अजाक) संध्या राय ने विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार-कर्तव्य, मानवाधिकार और महिला अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
नंदानगर और मल्हार आश्रम स्थित विद्यालयों में भी पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद कर कानून, सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के बारे में बताया।
4 स्कूलों में हर शनिवार होगी ‘कानून की क्लास’
कार्यक्रम के तहत चिमनबाग, पॉलोग्राउंड, नंदानगर और मल्हार आश्रम के चार स्कूलों में हर शनिवार जागरूकता कार्यशालाएं होंगी। विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली समझाने के लिए पुलिस थानों और कार्यालयों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
कार्यशालाओं में साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, महिला-बाल सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियम और रोड सेफ्टी जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि विद्यार्थी कानून को केवल नियम नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की सुरक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदारी के रूप में समझें।