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इंदौर

इंदौर पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर चोर, लाखों का सामान जब्त   

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
इंदौर पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर चोर, लाखों का सामान जब्त 

 

होटलों में ठहरता, एआई के फर्जी बिलों से बेच देता चोरी का सामान 

   इंदौर। पलासिया थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी के सामान को खपाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आरोपी चोरी किए गए लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन को असली खरीद का दिखाने के लिए एआई टूल्स की मदद से बड़े शोरूम के नाम पर फर्जी खरीद बिल तैयार करता था। 

  इन नकली बिलों के आधार पर वह चोरी का सामान इंदौर के अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में बेच देता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतीक लिखर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह खुद को मैकेनिकल इंजीनियर बताता था और पिछले लगभग 6 महीने से इंदौर के अलग-अलग होटलों में ठहरकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पूछताछ के दौरान उसने यह भी दावा किया कि वह पहले नोएडा में आयकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था, लेकिन पुलिस की जांच में उसका यह दावा संदिग्ध पाया गया। 

  पुलिस के मुताबिक 20 जुलाई को बड़वानी प्लाजा के पास आरोपी संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता मिला। पूछताछ के दौरान उसने खुद को आयकर अधिकारी बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तलाशी लेने पर उसके पास से ताला तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए। इनमें हाइड्रोलिक रिबार कटर, पेचकस और अन्य उपकरण शामिल थे।लैपटॉप चोरी कबूली 

   सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसने पलासिया क्षेत्र के एक हॉस्टल से लैपटॉप चोरी करने की वारदात भी कबूल की। इस मामले में पुलिस को घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनसे जांच को मजबूती मिली है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए बड़े प्रतिष्ठित शोरूम की तर्ज पर एआई टूल्स से फर्जी खरीद बिल तैयार करता था, ताकि सामान पूरी तरह वैध और खरीदा हुआ प्रतीत हो। इसके बाद वह इन्हें शहर के विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में बेच देता था।नेटवर्क की खोज हो रही 

   पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 21 लैपटॉप, 4 टैबलेट, 4 मोबाइल फोन और 2 महंगी घड़ियां बरामद की हैं। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी नुकसान और बढ़ते कर्ज के चलते आरोपी ने चोरी का रास्ता चुना। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितने चोरी के सामान बेचे हैं और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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