इंदौर- विधानसभा 4 में कल लगेगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान
महापौर, विधायक, कलेक्टर और निगमायुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद; स्वास्थ्य जांच, आधार अपडेट और उद्यमियों से संवाद भी
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत शुक्रवार, 14 अगस्त को इंदौर-4 विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों के लिए विशेष शिविर लगाया जाएगा। शिविर झोन क्रमांक-15 द्रविड़ नगर के उषाराजे परिसर, उषा नगर, रणजीत हनुमान मंदिर के सामने आयोजित होगा।
शिविर में इंदौर-4 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झोन क्रमांक-2, 12, 14 और 15 के सभी वार्डों के नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंच सकेंगे। मौके पर ही समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। शिविर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सहित जिला प्रशासन, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
अधिकारी क्षेत्र की शासकीय संस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं का मैदानी निरीक्षण भी करेंगे। सीएम हेल्पलाइन, इंदौर 311 ऐप, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए जाएंगे। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति भी जांची जाएगी।
उद्यमियों से संवाद, स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट
शिविर में उद्यम संवाद कार्यक्रम भी होगा। इसमें क्षेत्र के उद्यमी और स्टार्टअप से जुड़े हितग्राही अपने अनुभव साझा करेंगे। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा।
नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा, जहां स्वास्थ्य परीक्षण के साथ नि:शुल्क दवाइयां वितरित की जाएंगी। वहीं आधार अपडेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
हर शुक्रवार अलग क्षेत्र में शिविर
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आम नागरिकों के और करीब लाना तथा समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार जिले के नगर निगम, नगर परिषद और जनपद पंचायत क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
आगामी कार्यक्रमों में 21 अगस्त को लसूड़िया परमार, 11 सितंबर को गौतमपुरा, 18 सितंबर को कांकरिया और 25 सितंबर को इंदौर नगर निगम के झोन-6 में शिविर होंगे। अभियान 8 जनवरी 2027 तक निर्धारित क्षेत्रों में क्रमवार चलेगा।
अभियान की गतिविधियों की पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। जिन मामलों में राज्य स्तर की नीति, बजट या तकनीकी स्वीकृति की आवश्यकता होगी, उन्हें संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से समयबद्ध तरीके से हल कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।