गुना। जिले के उमरी चौकी क्षेत्र स्थित चीरा घाट की रानी रुशनी गुफा के समीप जंगल में गुरुवार को एक तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। तेंदुए के शव से चारों पैर, गर्दन और पूंछ गायब थी। घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती आशंका वन्यजीव तस्करी या शिकार से जोड़कर देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले गोसे बक, मोनू ओझा, राम सिंह रजक, गोविंद अहीरवार और दीपक मांझी की नजर जंगल में पड़े तेंदुए के शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल गुना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही उमरी चौकी पुलिस, म्याना थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि अज्ञात बदमाश तेंदुए के चारों पैर, गर्दन और पूंछ काटकर ले गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए के अंगों की तस्करी के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया हो। हालांकि वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के शिकार तथा उनके अंगों की तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्कर नए तरीकों से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

वन विभाग ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।