जन-विश्वास अभियान में CM का सख्त एक्शन: 7 अफसरों पर गिरी गाज,6 साल पुराने नामांतरण पर तहसीलदार-पटवारी सस्पेंड
बड़वानी में मुख्यमंत्री ने सुनीं आमजन की शिकायतें; पीएम आवास की किश्त में देरी पर 2 CMO और सहायक यंत्री निलंबित,जनपद CEO पर भी कार्रवाई
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को बड़वानी में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में आमजनों से सीधे संवाद किया। शिकायतों की सुनवाई के दौरान योजनाओं का लाभ देने में लापरवाही और प्रकरणों के निराकरण में वर्षों की देरी सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने एक तहसीलदार, दो पटवारी,दो मुख्य नगर पालिका अधिकारी,एक सहायक यंत्री और एक जनपद पंचायत CEO को निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और दो मामलों में जांच के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ तय समय-सीमा में मिलना चाहिए। अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों का सम्मान होगा, लेकिन लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई भी तय है।
छह साल में हुआ नामांतरण, CM ने तत्कालीन तहसीलदार-पटवारियों को किया निलंबित
राजपुर तहसील के अजय-लाल की शिकायत की सुनवाई के दौरान सामने आया कि उनके पिता की वर्ष 2016 में मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई। करीब छह साल की देरी पर मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार,वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार, तथा पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास की किश्त में देरी,दो CMO और सहायक यंत्री पर कार्रवाई
प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में रुपेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में आवेदन किया था। 2022 में जियो टैगिंग और 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया के बावजूद उन्हें राशि समय पर नहीं मिली। मकान बनने के बाद 10 अगस्त को पहली किश्त मिली। मुख्यमंत्री ने देरी पर तत्कालीन CMO मायाराम सोलंकी,जगदीश धाकड़ और सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
संबल की सहायता में देरी पर CEO निलंबित
पानसेमल के हरि निमवा ठाकुर के संबल योजना प्रकरण में 2019 से सहायता राशि लंबित रहने की बात सामने आई। जांच में ऐसे 16 प्रकरण मिले, जिनमें प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले हितग्राहियों को पहले लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन जनपद पंचायत CEO सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
बाल आशीर्वाद योजना और पशु बीमा राशि के भुगतान में देरी पर भी मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों का समाधान समय पर हो और आमजन को अपने अधिकारों के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत करना है। हर शिकायत को संवेदनशीलता से लेते हुए समयबद्ध समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।