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इंदौर

जनसुनवाई की शिकायत पर कलेक्टर शिवम वर्मा  का बड़ा एक्शन: 17 लाख लेने के आरोप में भृत्य कैलाश पालीवाल निलंबित, विभागीय जांच शुरू  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
जनसुनवाई की शिकायत पर कलेक्टर शिवम वर्मा  का बड़ा एक्शन: 17 लाख लेने के आरोप में भृत्य कैलाश पालीवाल निलंबित, विभागीय जांच शुरू

 

प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, वीडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा की सख्त कार्रवाई

    इंदौर। कलेक्टर शिवम वर्मा ने जनसुनवाई में प्राप्त एक गंभीर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भूमि संसाधन प्रबंधन शाखा में पदस्थ भृत्य (चेनमैन) कैलाश पालीवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

     प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 4 अगस्त को आयोजित जनसुनवाई में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कैलाश पालीवाल ने प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर करीब 20 लाख रुपये का सौदा किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि विभिन्न तिथियों में 17 लाख रुपये लेने के बावजूद न तो प्लॉट उपलब्ध कराया गया और न ही राशि वापस की गई। शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रशासन को सौंपी।

   मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कैलाश पालीवाल के निलंबन के आदेश जारी किए। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

   जिला प्रशासन ने जांच के लिए जिला स्तरीय जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि तहसीलदार, भू-संसाधन प्रबंधन इंदौर को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में कैलाश पालीवाल का मुख्यालय तहसील देपालपुर, जिला इंदौर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। कलेक्टर के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

       कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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