इंदौर। अंगदान और देहदान को लेकर इंदौर प्रशासन अब व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने कहा कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंगदान-देहदान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
संभागायुक्त की अध्यक्षता में सोमवार को संभागायुक्त कार्यालय में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उन्होंने अंगदान और देहदान की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और विशेषज्ञ डॉक्टरों से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंगदान एक पवित्र कार्य है और इंदौर इस क्षेत्र में प्रदेश और देश में मिसाल बना है, लेकिन इसे और विस्तार देने की जरूरत है।
13 अस्पतालों से आगे बढ़ेगा नेटवर्क
लक्षकार ने निर्देश दिए कि वर्तमान में अंगदान-देहदान प्रत्यारोपण से जुड़े 13 अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाए। इन अस्पतालों में ऐसे चिकित्सकों को जिम्मेदारी दी जाए,जो इस कार्य के लिए पर्याप्त समय दे सकें। साथ ही संभावित दाताओं और उनके परिजनों की समय पर काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अंगदान और देहदान से जुड़े नियमों की दोबारा समीक्षा की जाए और आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया जाए। अब इस विषय पर हर महीने समीक्षा बैठक होगी और जरूरत पड़ने पर गूगल मीट के जरिए भी चर्चा की जाएगी।
19 हजार नेत्रदान, 1090 त्वचा दान
बैठक में बताया गया कि इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन की स्थापना वर्ष 2013-14 में हुई थी। वर्ष 2012 से अब तक 1,090 लोगों द्वारा त्वचा दान कराया गया है,जबकि विभिन्न आई बैंकों के माध्यम से करीब 19 हजार नेत्रदान प्राप्त हुए हैं।
वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश में अब तक 6 अंगदान हुए हैं,जिनमें 3 अंगदान इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के माध्यम से कराए गए। वर्तमान में इंदौर में अंगदान और देहदान के लिए 218 लोगों ने पंजीयन कराया है। इनमें 189 लोगों को किडनी और 29 लोगों को लीवर की जरूरत बताई गई है।
बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, एमवाय अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी, मेडिकल विशेषज्ञ और इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सदस्य मौजूद रहे।