कॉलेजों की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में प्रदर्शन: कलेक्टर शिवम वर्मा को ज्ञापन सौंपने की मांग, सुरक्षा बढ़ाई गई
इंदौर। शासकीय महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र कार्यकर्ताओं ने धरना देकर कॉलेजों की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर लगाए गए बैरिकेड तोड़ दिए और परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। उन्हें रोकने पहुंचे पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी भी हुई।
प्रदर्शनकारी छात्र कलेक्टर शिवम वर्मा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार की ओर बढ़ते हुए बैरिकेड हटाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। हंगामे को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
कॉलेजों में सुविधाओं की कमी का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को कई जरूरी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि अनेक महाविद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
छात्रों ने बिजली और प्रकाश व्यवस्था, छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाएं, इंटरनेट, वाहन खड़े करने की व्यवस्था, सुरक्षा तथा प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए।

बोले- मूलभूत सुविधाएं देना शासन की जिम्मेदारी
कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिक्षा केवल भवन और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि शासकीय शिक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं मिल सकें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।