100 से ज्यादा प्लॉट बेचकर 5 करोड़ से अधिक की कथित धोखाधड़ी का खुलासा; कब्जाधारियों की बेदखली शुरू, भू-माफियाओं पर अभियान रहेगा जारी
इंदौर। कलेक्टर शिवम वर्मा की सख्ती के चलते इंदौर में सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनी बसाने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन ने करीब 40 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही अतिक्रमण हटाने और कब्जाधारियों की बेदखली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आया है कि इस भूमि पर 100 से अधिक प्लॉट बेचकर करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर चल रहे भू-माफिया विरोधी अभियान के तहत कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में मल्हारगंज अनुभाग की राजस्व टीम ने ग्राम सिरपुर स्थित सर्वे क्रमांक-33, रकबा 2.711 हेक्टेयर की जांच की। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के नाम दर्ज है और पूरी तरह शासकीय संपत्ति है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अज्जू खां ने इस सरकारी जमीन को अपनी निजी भूमि बताकर छोटे-छोटे प्लॉट तैयार किए और नोटरी के माध्यम से उनकी बिक्री कर "न्यू लक्ष्मी नगर" नाम से अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया। प्रशासन ने पाया कि जिस सर्वे नंबर की जमीन को आरोपी अपना बता रहा था, उसका स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। इसके बावजूद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर उसे निजी संपत्ति बताकर लोगों को बेचा जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 316(5) के तहत चंदननगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं शासकीय भूमि पर टीनशेड बनाकर रह रहे कब्जाधारियों के विरुद्ध भी राजस्व प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार बेदखली के आदेश जारी किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कॉलोनी में 100 से अधिक प्लॉट करीब 5-5 लाख रुपये प्रति प्लॉट के हिसाब से बेचे गए, जिससे आम नागरिकों के साथ 5 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी हुई। उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में 4 मई को भी नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरकारी भूमि पर की गई फेंसिंग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने,अवैध कॉलोनियां विकसित करने और आम नागरिकों से धोखाधड़ी करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि की सुरक्षा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी भूमाफिया को बख्शा नहीं जाएगा।