राधा-कृष्ण की झांकियों ने मोहा मन, ढोल-नगाड़ों पर झूमे युवा; ‘नंद के आनंद भयो’ से गूंजा शहर
धार। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर शुक्रवार को धार शहर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन हुए। वहीं यादव समाज ने धूमधाम से भव्य जुलूस निकाला। इसमें समाज के महिला, पुरुष और बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। जुलूस जिस मार्ग से गुजरा, वहां ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
यादव समाज के जुलूस में भगवान श्रीकृष्ण और राधा की आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं। कृष्ण के बाल स्वरूप, गोवर्धन पर्वत, राधा-कृष्ण और भगवान की विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। जुलूस को देखने के लिए रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे। कई बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल हुए। भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों पर युवा उत्साह से झूमते नजर आए।
कैलाश यादव, भोला यादव, आशीष भाकर, आशीष यादव, गणेश यादव, आत्माराम गारिया, अशोक यादव, आशाराम यादव, विष्णु यादव सहित बड़ी संख्या में समाजजन आयोजन में मौजूद रहे।
मटकी फोड़ में युवाओं ने दिखाया जोश
जन्माष्टमी पर शहर के विभिन्न मोहल्लों, प्रमुख चौराहों और सामाजिक संगठनों की ओर से मटकी फोड़ आयोजन भी किए गए। मोहन टॉकीज स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर की मटकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच युवाओं की टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर टंगी मटकी तक पहुंचने का प्रयास किया।
मटकी फूटते ही आयोजन स्थल ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। युवाओं के जोश और लोगों के उत्साह ने माहौल को और रंगीन बना दिया। कई स्थानों पर मटकी फोड़ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

जगह-जगह हुआ जुलूस का स्वागत
जुलूस मार्ग में लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। समाजजनों ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता की झलक भी दिखाई दी।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
जुलूस और मटकी फोड़ आयोजनों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की। प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। समाज के पदाधिकारी और वरिष्ठजन भी व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए। देर शाम तक धार शहर में कृष्ण भक्ति का रंग चढ़ा रहा।