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नई दिल्ली

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया

राजवाड़ा दर्पण
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केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने मंजूर किया

रेल राज्य और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के पद से हटे

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्र सरकार में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही वह रेल राज्य मंत्री तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के पद से मुक्त हो गए। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

   रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद उन्होंने वर्ष 2024 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। भाजपा में शामिल होने के कुछ समय बाद ही उन्हें केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया था।

कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक जीवन

   रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने संसदीय जीवन की शुरुआत वर्ष 2009 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर की थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की लुधियाना सीट से लगातार जीत हासिल की और संसद पहुंचे। वर्ष 2017 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव में जलालाबाद सीट से अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कांग्रेस में उनका राजनीतिक महत्व बना रहा और वर्ष 2021 में उन्होंने लोकसभा में कांग्रेस के नेता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

2024 में भाजपा में हुए शामिल

   लोकसभा चुनाव 2024 से पहले रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा ने उन्हें लुधियाना लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से हुआ। चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया। बाद में वर्ष 2024 से 2026 के बीच उन्हें राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुना गया। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी उन्होंने रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में अपनी ज़िम्मेदारियां निभाईं।

जान से मारने की धमकियां

   रवनीत सिंह बिट्टू अपने राजनीतिक जीवन के दौरान कई सुरक्षा चुनौतियों का भी सामना कर चुके हैं। जनवरी 2021 में सिंघु सीमा पर आयोजित एक जन संसद कार्यक्रम के दौरान उन पर हमला किया गया था। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी भी मिली थी। इन घटनाओं के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई थी।

  राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही रवनीत सिंह बिट्टू अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे। उनके इस्तीफे से केंद्र सरकार और पंजाब की राजनीति दोनों में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल सरकार की ओर से उनके उत्तराधिकारी या विभागों के नए प्रभार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, इस्तीफे के कारणों पर भी सभी की नजर बनी हुई है।

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