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महाराष्ट्र

खामगांव में मौसम बदलते ही ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या; डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह

राजवाड़ा दर्पण ब्यूरो
राजवाड़ा दर्पण ब्यूरो
खामगांव में मौसम बदलते ही ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या; डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह

खामगांव। बारिश का मौसम शुरू होते ही खामगांव तहसील में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। उपजिला सामान्य अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में बुखार, खांसी, पेट दर्द और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और दूषित पानी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह पानी जमा होने लगा है, जिससे मच्छरों का प्रजनन बढ़ रहा है। यही कारण है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। उपजिला अस्पताल की ओपीडी में रोज बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. रजनीकांत चौधरी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। सप्ताह में एक दिन 'ड्राई डे' मनाकर कूलर, टंकियों, गमलों और अन्य पात्रों में जमा पानी खाली करें। साथ ही स्वच्छ पानी का उपयोग करें, बाहर का दूषित भोजन खाने से बचें और मच्छरों से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

उन्होंने कहा कि यदि लगातार बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से डेंगू, मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों से होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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