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खेतों में फिर लौटा तेंदुए का खौफ: सोयाबीन के बीच मिले पदचिह्न, किसानों ने खेतों से बनाई दूरी

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
खेतों में फिर लौटा तेंदुए का खौफ: सोयाबीन के बीच मिले पदचिह्न, किसानों ने खेतों से बनाई दूरी

तोरनोद-कालूखेड़ी रोड पर सुबह दिखे संदिग्ध पदचिह्न; पहले पुलिसकर्मी पर कर चुका है हमला, वन विभाग ने शुरू की सर्चिंग

धार। शहर के समीप तोरनोद-कालूखेड़ी रोड के खेतों में गुरुवार सुबह तेंदुए के पदचिह्न मिलने से किसानों में दहशत फैल गई। खेतों में पहुंचे किसानों ने सोयाबीन की फसल के आसपास संदिग्ध पदचिह्न देखे तो उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। पदचिह्न देखकर कई किसान खेतों से लौट गए। किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल इस समय काफी घनी और ऊंची हो चुकी है। ऐसे में तेंदुआ यदि खेतों के बीच मौजूद है तो उसका दिखाई देना मुश्किल है। इसके चलते खेतों में दवाई का छिड़काव, निंदाई सहित अन्य कृषि कार्य करने वाले किसानों में डर बना हुआ है।

पहले भी खेतों में नजर आ चुका है तेंदुआ

तोरनोद क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका पहली बार नहीं बनी है। इससे पहले गेहूं की कटाई के दौरान भी फसल के बीच तेंदुआ दिखाई दिया था। उस समय हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई चल रही थी। तेंदुआ नजर आने के बाद वन विभाग की टीम और नौगांव पुलिस मौके पर पहुंची थी और उसे पकड़ने के लिए सर्चिंग अभियान चलाया गया था।

पकड़ने की कार्रवाई में पुलिसकर्मी पर किया था हमला

तेंदुए को पकड़ने के प्रयास के दौरान उसने पुलिसकर्मी अनिल बीसी पर हमला कर दिया था, जिससे वे घायल हो गए थे। घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी थी। ड्रोन स्क्वॉड की मदद से भी कई दिनों तक खेतों और आसपास के क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी गई। हालांकि लगातार तलाश के बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।

पदचिह्नों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खेतों में फिर लौटा तेंदुए का खौफ: सोयाबीन के बीच मिले पदचिह्न, किसानों ने खेतों से बनाई दूरी - 2

पदचिह्न मिलने के बाद एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने वन विभाग से पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग कर तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि करने और उसे सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।

रेंजर प्रभुराम मुछाला ने बताया, “तोरनोद-कालूखेड़ी के समीप खेतों में तेंदुए के पदचिह्न मिलने की सूचना मिली है। गश्ती टीमों को मौके पर भेजा जा रहा है। पदचिह्नों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

किसानों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तेंदुआ मौजूद है तो घनी सोयाबीन की फसल के बीच खेतों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में वन विभाग की सर्चिंग और निगरानी को लेकर ग्रामीणों की नजर अब टीम की कार्रवाई पर है।

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