इंदौर। अवैध लकड़ी के परिवहन के खिलाफ इंदौर वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। भोपाल राज्यस्तरीय उड़नदस्ते की कार्रवाई के बाद मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात खुडैल और तेजाजी नगर क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान अवैध लकड़ी से भरा आयशर वाहन क्रमांक एमपी09 केडी5934 पकड़ लिया गया। कार्रवाई में वन माफिया को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि आयशर वाहन देवास जिले के नेवरी से डबल चौकी क्षेत्र होते हुए खुडैल और फिर तेजाजी नगर पहुंचा था। वाहन को इंदौर की लकड़ी मंडी में लकड़ी खाली करने के लिए ले जाया जा रहा था। मंडी पहुंचने से पहले ही वन विभाग की टीम ने उसे दबोच लिया।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल
रेंजर संगीता ठाकुर के निर्देश पर डिप्टी रेंजर श्याम गोहे के नेतृत्व में टीम ने पहले से ही संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई थी। घेराबंदी के दौरान वाहन को रोककर जांच की गई तो उसमें अवैध लकड़ी मिली। वन विभाग ने वाहन को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रात के अंधेरे में लकड़ी परिवहन पर शिकंजा
वन विभाग की सख्ती के बावजूद रात के समय अलग-अलग मार्गों से गुटके-फांचरे और गोल लकड़ी इंदौर लाए जाने की चर्चा है। हालांकि अब विभाग ने तीन महिनें कि गहन और सूक्ष्म जांच के बाद ऐसे वाहनों पर निगरानी बढ़ा दी है। कार्रवाई में डिप्टी रेंजर श्याम गोहे के साथ वनरक्षक प्रवीण मालवीय और चेतन रायकवार की सक्रिय भूमिका रही। विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी कहां से लाई गई और इसे मंडी में किसे पहुंचाया जाना था।