धार के चिकित्सकों की चेतावनी— घंटों स्क्रीन देखने से बढ़ रहे कमर दर्द, 'टेक्स्ट नेक', आंखों की कमजोरी और मानसिक तनाव; अभिभावकों से स्क्रीन टाइम सीमित रखने की अपील
धार। जेब में रखा स्मार्टफोन अब केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। घंटों तक मोबाइल स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखने की आदत बच्चों और युवाओं को कम उम्र में ही सर्वाइकल दर्द, कमर दर्द, आंखों की कमजोरी, सिरदर्द और मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याओं की ओर धकेल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि जो बीमारियां कभी 50 से 60 वर्ष की उम्र में दिखाई देती थीं, वे अब 10 से 18 वर्ष के बच्चों और 20 से 30 वर्ष के युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं।
धार जिले के चिकित्सकों के अनुसार अस्पतालों और क्लीनिकों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें गर्दन में अकड़न, पीठ और कमर दर्द, आंखों में जलन, धुंधला दिखाई देना और लगातार सिरदर्द जैसी शिकायतें रहती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया और घंटों वीडियो देखने की आदत शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर रही है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शिखा अरोरा बताती हैं कि लंबे समय तक सिर झुकाकर मोबाइल देखने से गर्दन की मांसपेशियों पर सामान्य से कई गुना अधिक दबाव पड़ता है। इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में 'टेक्स्ट नेक सिंड्रोम' कहा जाता है। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो सर्वाइकल दर्द के साथ रीढ़ और कमर की समस्याएं भी स्थायी रूप ले सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, पानी आना और नजर कमजोर होने की शिकायतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन, चिंता और पढ़ाई या काम में एकाग्रता की कमी जैसी परेशानियां सामने आ रही हैं। बच्चों में आउटडोर खेल कम होने से मोटापा और शारीरिक विकास पर भी असर पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल का उपयोग पूरी तरह छोड़ना संभव नहीं, लेकिन उसका संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन टाइम पर निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें खेलकूद, योग तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना चाहिए। यदि आंखों में लगातार दर्द, गर्दन में अकड़न या कमर दर्द की शिकायत हो तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह
हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें (20-20-20 नियम)।
मोबाइल को आंखों की सीध में रखें, गर्दन अधिक न झुकाएं।
सोने से कम से कम दो घंटे पहले स्क्रीन का उपयोग बंद करें।
रोजाना व्यायाम और गर्दन-पीठ की स्ट्रेचिंग करें।
बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखें और उन्हें खुले मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें।
लगातार दर्द या धुंधलापन होने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराएं।