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इंदौर

महंत आनंद गिरी बोले: 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू, 29 को गुरु पूर्णिमा और 30 जुलाई से सावन का शुभारंभ  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
महंत आनंद गिरी बोले: 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू, 29 को गुरु पूर्णिमा और 30 जुलाई से सावन का शुभारंभ

 

देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम, शिव-भक्ति और गुरु आराधना का रहेगा विशेष महत्व

    इंदौर। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा,श्री सिद्ध बाबा श्यामगिरि सवाई मठ दिल्ली दरबार से जुड़े इंदौर-मालवा मंडल के श्री महंत आनंद गिरी जी महाराज (बापजी) ने बताया कि जुलाई का अंतिम सप्ताह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 25 जुलाई को देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी, 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा तथा 30 जुलाई से सावन माह का शुभारंभ होगा।

   महंत आनंद गिरी ने पंचांग एवं शास्त्रों के आधार पर बताया कि 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत शास्त्रसम्मत है। इसी दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है। इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित सभी मांगलिक कार्य कार्तिक देवउठनी एकादशी तक स्थगित रहते हैं। एकादशी तिथि 24 जुलाई सुबह 9:12 बजे से प्रारंभ होकर 25 जुलाई सुबह 11:34 बजे तक रहेगी, जबकि व्रत का पारण 26 जुलाई को सुबह 5:39 से 8:22 बजे के बीच किया जाएगा।

     महंत आनंद गिरी ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री प्रेतराज बालाजी सरकार हनुमान मंदिर, गुजरखेड़ा (महू) में विशेष श्रृंगार एवं पूजन होगा। वहीं आश्रम में 23 जुलाई से सात दिवसीय गुरु चरित्र दत्त पारायण का आयोजन पंडित रामबाबू जी के सान्निध्य में किया जा रहा है। समापन पर गुरु पाद्य पूजन, हवन, भजन-कीर्तन और महाप्रसादी (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा।

   उन्होंने कहा कि 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाला सावन माह भगवान शिव की आराधना का सर्वश्रेष्ठ काल माना जाता है। पूरे माह शिवालयों में जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, रुद्राभिषेक, सोमवार व्रत और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व रहेगा। साथ ही हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाएंगे।

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